‘सरेंडर करने पुलिस को 6 लाख दिए…फिर भी मार दिया’:गैंगस्टर के बेटे का आरोप; पुलिस बोली- बेड में दम घुटने से मरा

‘सरेंडर करने पुलिस को 6 लाख दिए…फिर भी मार दिया’:गैंगस्टर के बेटे का आरोप; पुलिस बोली- बेड में दम घुटने से मरा

मेरे पापा पर कई केस थे, लेकिन ज्यादातर तो पुलिस ने झूठे बनाए थे। कुछ दिन पहले ही पापा छह लाख रुपए पुलिस अफसरों को देकर आए थे, ताकि उन्हें कोई परेशान नहीं करे, क्योंकि वह कोर्ट में सरेंडर करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें मार दिया। यह कहना है शाहिद उर्फ शेरदिल का। वह तीन राज्यों में वांटेड रहे भय्यू लाला का बेटा है। दरअसल, मंदसौर के सुरजनी गांव में 18 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिवार ने सीतामऊ पुलिस पर घर में घुसकर पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया। इधर, पुलिस का दावा है कि दबिश के दौरान भय्यू बेड में छिप गया था और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। सच क्या है, यह जानने के लिए भास्कर टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बात की। घर के बाहर मातम और पुलिस पर आरोप दोपहर के करीब डेढ़ बजे। सुरजनी गांव के बाहर खेतों के बीच बना भय्यू लाला का आलीशान मकान मातम में डूबा हुआ था। घर के मजबूत लोहे के दरवाजे के पीछे सन्नाटा पसरा था। परिवार के पुरुष पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के लिए मंदसौर जिला मुख्यालय के लिए निकल गए थे। घर में मौजूद महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदारों और जानने वालों का आना-जाना लगा हुआ था। इसी माहौल में भय्यू की पत्नी रुखसाना और बेटा शाहिद उर्फ शेरदिल सामने आए। उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर खौफ साफ झलक रहा था। बेटे बोला- पापा पर कई केस थे, ज्यादातर झूठे थे भय्यू के बेटे शाहिद ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा- मेरे पापा पर कई केस थे, लेकिन ज्यादातर झूठे थे। वह कोर्ट में सरेंडर करने वाले थे, इसीलिए कुछ दिन पहले ही पुलिस अफसरों को 6 लाख रुपए देकर आए थे, ताकि कोई परेशानी न हो, लेकिन पुलिस ने धोखा दिया और उन्हें मार दिया। शाहिद ने घटना का जिक्र करते हुए बताया, पुलिस की टीम घर आई। करीब 15-20 जवान तीन घंटे तक घर में रहे। वे मुझे पुलिस की गाड़ी में बिठाकर गांव से दूर ले गए। वहां कोरे कागज पर साइन कराए और धमकाया कि मीडिया को कुछ बताया तो 10-20 साल के लिए जेल में डाल देंगे। पत्नी का आरोप- डेढ़ घंटे तक मारते रहे, मैं चीखती रही भय्यू की पत्नी रुखसाना ने रोते हुए उस खौफनाक मंजर को याद किया। उन्होंने बताया- ‘मैं और मेरे पति अंदर वाले कमरे में बैठे थे, तभी अचानक पुलिसवाले आ गए। टीआई साहब पलंग पर बैठकर बात कर रहे थे। अचानक उन्होंने एक जवान को डीवीआर की तरफ इशारा किया और उसने डीवीआर निकाल लिया। इसके बाद वे मेरे पति को घसीटकर आगे वाले कमरे में ले गए। रुखसाना ने आगे कहा- “मैं अपने बच्चों के साथ अकेली थी। पुलिस ने मुझे कमरे में बंद कर दिया। बाहर महिला पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया। अंदर से मेरे पति की चीखने की आवाजें आ रही थीं। मैं उन्हें बचाने के लिए चिल्लाती रही, लेकिन महिला पुलिस कर्मियों ने मुझे बाहर नहीं निकलने दिया। करीब डेढ़ घंटे तक वे उन्हें मारते रहे और फिर चले गए। पुलिस का दावा- हत्या नहीं, हादसा परिवार के आरोपों के ठीक विपरीत पुलिस इस घटना को एक हादसा बता रही है। सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया- ‘भय्यू लाला पर कई गंभीर केस दर्ज थे। वह 5 हजार रुपए का इनामी था। पुलिस उसकी तलाश में दबिश देने गई थी, लेकिन वह घर में नहीं मिला। बाद में हमें 112 इमरजेंसी नंबर से सूचना मिली कि भय्यू की मौत हो गई है। पुलिस का दावा है कि जब टीम दबिश देने पहुंची तो उनसे बचने के लिए भय्यू घर में बने बेड के बॉक्स में छिप गया। पुलिस ने घर की तलाशी ली, जब वह नहीं मिला तो टीम लौट गई, लेकिन बेड में हवा न मिलने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई। तीन राज्यों को थी भय्यू लाला की तलाश पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वाहिद उर्फ भय्यू लाला कोई मामूली अपराधी नहीं था। वह एक किसान परिवार से था, लेकिन साल 2003 में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 23 साल में उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार और मादक पदार्थ तस्करी जैसे 19 गंभीर केस दर्ज हुए। बेटी की शादी के लिए करना चाहता था सरेंडर परिवार का कहना है कि भय्यू अपनी बेटी की शादी करना चाहता था और एक सामान्य जीवन जीना चाहता था, इसीलिए उसने पुलिस से सेटिंग कर कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया था। वह इसी सिलसिले में बात करने के लिए सुरजनी आया था, लेकिन पुलिस ने उसे मार दिया। अब आगे क्या? फिलहाल, इस मामले में सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही सामने आएगी। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि मौत का कारण दम घुटना है या शरीर पर लगी चोटें। परिवार ने एसपी को नामजद शिकायत देकर आरोपी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

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