Gas Leak: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला में नगर पालिका के फिल्टर प्लांट में शुक्रवार शाम अचानक हुई क्लोरिन गैस की लीकेज ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और आसपास रहने वाले रहवासियों में अफरा-तफरी मच गई। कुल 31 लोगों की गैस की वजह से तबीयत खराब हो गई। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर डटी है। झाबुआ से तीन सदस्यीय डॉक्टर्स की टीम भी थांदला पहुंच गई है।

लोगों को हुई तेज जलन और सांस लेने में तकलीफ
बताया जाता है कि फिल्टर प्लांट में रोजाना की तरह काम चल रहा था, तभी अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते सफेद धुएं जैसी गैस हवा में फैल गई। वहां काम कर रहे लोगों को तेज जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। सूचना मिलते ही एसडीएम भास्कर गाचले और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को खाली कराने के साथ प्रभावितों को थांदला सिविल अस्पताल ले जाया गया। देखते ही देखते 31 लोग सिविल अस्पताल में भर्ती हो गए। जहां उनका उपचार चल रहा है। सभी को घबराहट के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है। अस्पताल में बीमार लोगों के परिजन के साथ ही अन्य लोग भी पहुंच गए।
कलेक्टर ने लिया फीड बैक, समुचित उपचार के निर्देश
घटना को लेकर कलेक्टर नेहा मीना ने एसडीएम भास्कर गाचले से पूरा फीड बैक लिया। साथ ही सभी गैस प्रभावितों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएमएचओ को भी एक टीम थांदला भेजने के निर्देश दिए। जिसके बाद तीन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम थांदला रवाना हो गई। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह से निगाह रखे हुए हैं।

स्थिति नियंत्रण में है- एसडीएम
एसडीएम भास्कर गालचे ने बताया कि प्राथमिक रूप से 31 लोग इस गैस की चपेट में आए हैं। गैस रिसाव की गहराई से जांच की जाएगी। जो भी इसके लिए दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और तकनीकी टीम रिसाव के कारणों की बारीकी से जांच कर रही है। गैस रिसाव से प्रभावित लोगों का समुचित उपचार किया जा रहा है।आसपास के नागरिकों को अभी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तीखी और दम घोटने वाली गैस
एक्सपर्ट्स की मानें तो क्लोरिन एक अत्यंत तीखी और दम घोंटने वाली गैस है। स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्यक्ति कितनी देर तक और कितनी मात्रा में इसके संपर्क में रहा है।यह गैस फेफड़ों में पानी भरने (पल्मोनरी एडिमा) का कारण बन सकती है। इससे सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई और दम घुटने जैसा महसूस होता है।


