Gas Geyser Safety Tips: सर्दियों में गर्म पानी का सुख किसे नहीं चाहिए? कड़ाके की ठंड में नल से गिरता गर्म पानी बड़ा सुकून देता है। लेकिन, शुक्रवार को बदायूं से जो खबर आई, उसने इस सुकून को डर में बदल दिया है। वहां नहाते वक्त 4 साल के मासूम बच्चे की जान चली गई और उसका बड़ा भाई अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। वजह? घर के बाथरूम में लगा वो गैस गीजर, जिसे हम और आप सस्ता और अच्छा मानकर लगवा लेते हैं।
इस घटना ने एक सवाल खड़ा कर दिया है, क्या हम अनजाने में अपने ही घर के बाथरूम में मौत का सामान तो नहीं फिट करवा रहे?
बदायूं वाले मामले में सबसे डरावनी बात यह थी कि बच्चों के पिता, सलीम ने गीजर की सर्विसिंग इसी साल करवाई थी। यानी मशीन में कोई खराबी नहीं थी। गलती मशीन की नहीं, बल्कि उसे इस्तेमाल करने के तरीके और वेंटिलेशन की थी। जब बाथरूम का दरवाजा बंद होता है और अंदर गैस गीजर चल रहा होता है, तो वो हवा में मौजूद ऑक्सीजन को खा जाता है और बदले में छोड़ता है कार्बन मोनोऑक्साइड।
अगर आपके घर में भी गैस गीजर लगा है या आप लगवाने की सोच रहे हैं, तो घबराइए मत। बस, इन 3 सेफ्टी फीचर्स को अपने दिमाग में बैठा लीजिए, ताकि आपका परिवार सुरक्षित रहे।
1. वेंटिलेशन है या नहीं?
सबसे पहले अपने बाथरूम को देखिए। अगर वहां हवा आर-पार होने के लिए अच्छी खिड़की या रोशनदान नहीं है, तो गैस गीजर वहां लगवाना खुदकुशी जैसा है। एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि गैस गीजर वाले बाथरूम में एक तगड़ा एग्जॉस्ट फैन होना अनिवार्य है। यह फैन अंदर बन रही जहरीली गैस को बाहर फेंकता रहता है। अगर बाथरूम पूरी तरह बंद है, तो गीजर को तुरंत वहां से हटवा दें।
2. सिलेंडर को बाहर रखें, अंदर नहीं
अक्सर लोग पाइप बचाने के चक्कर में या जगह की कमी से गैस सिलेंडर भी बाथरूम के अंदर ही रख लेते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। सिलेंडर और गीजर के बीच दूरी होनी चाहिए। कोशिश करें कि सिलेंडर बाथरूम के बाहर किसी खुली जगह पर रखा हो और पाइप के जरिए गैस अंदर आए। अगर कभी लीकेज हुई, तो कम से कम गैस बाहर हवा में घुल जाएगी और बाथरूम गैस चैंबर नहीं बनेगा।
3. टाइमिंग का खेल और सेंसर
बदायूं के केस में बच्चे काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आए थे। नियम यह है कि गैस गीजर को कभी भी 5-10 मिनट से ज्यादा लगातार ऑन न छोड़ें। पहले बाल्टी भर लें, गीजर बंद करें और फिर नहाएं। गीजर ऑन करके शॉवर के नीचे खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। और हां, टेक्नोलॉजी अब सस्ती हो गई है। बाजार में कार्बन मोनोऑक्साइड डिटेक्टर (CO Detector) मिलते हैं। ये छोटे से अलार्म होते हैं जो बैटरी से चलते हैं। जैसे ही बाथरूम में जहरीली गैस बढ़ेगी, यह जोर-जोर से बजने लगेगा। 500-700 रुपये का यह गैजेट किसी की जान बचा सकता है।
सस्ता गर्म पानी अच्छा है, लेकिन जान की कीमत पर नहीं। बदायूं की घटना एक चेतावनी है। आज ही अपने बाथरूम का जायजा लें और देखें कि कहीं वहां कोई खतरा तो नहीं पल रहा।


