LPG Crisis : ईरान-इजराइल-अमेरिका के महायुद्ध के बीच हजारों उपभोक्ताओं को अपने रसोई गैस सिलेंडरों को सरेंडर करना पड़ेगा। खाड़ी देशों में चल रहे महायुद्ध के बीच देश भर में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है। गैस सिलेंडरों के लिए शहर से लेकर गांवों में उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। सिलेंडर नहीं मिल पाने के कारण आम लोगों से लेकर रेस्टोरेंट-ढाबे संचालक तक परेशान हैं। कई इलाकों में रेस्टोरेंट और छोटे-छोटे ढाबे बंद हो चुके हैं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने बीते दिनों एक संशोधित आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक उपभोक्ता एक साथ एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन नहीं रख सकते हैं। नियमों के तहत पीएनजी उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना है। वहीं एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन सरेंडर करना है। संशोधित आदेश के दायरे में उत्तराखंड के 44,488 उपभोक्ता आ रहे हैं। इन उपभोक्ताओं के पास एलपीजी और सीएनजी दोनों ही कनेक्शन हैं। अब इन उपभोक्ताओं को जल्द ही पीएनजी या एलपीजी कनेक्शन संबंधित एजेंसी को सिरेंडर करना होगा। इससे इन उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है।
एक साथ दोनों कनेक्शन पर पाबंदी
ईरान-इजराइल युद्ध के बीच बढ़ते गैस सिलेंडर संकट के बीच उत्तराखंड में 44 हजार उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। संशोधित नियमों के तहत अब उपभोक्ता एक साथ एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन नहीं रख पाएंगे। बता दें कि खाड़ी देशों से सप्लाई बाधित होने के कारण रसोई गैस का संकट बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने संशोधित आदेश जारी किए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने गैस सप्लाई को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। बीते 14 मार्च को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन में संशोधित कर दिया है. जिसके तहत कोई भी उपभोक्ता एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकते हैं। उन्हें इनमें से एक कनेक्शन सरेंडर करना ही होगा।
रेस्टोरेंट व्यवसाय पर संकट
एलपीजी सप्लाई बाधित होने के कारण उत्तराखंड में रेस्टोरेंट व्यवसाय पर संकट के बादल छाने लगे हैं। उत्तराखंड में गैस सिलेंडर नहीं मिल पाने के कारण सड़क किनारे लगने वाले भोजन के कई स्टॉल बंद हो चुके हैं। कई रेस्टोरेंट और होटलों में गैस सिलेंडर खत्म हो चुके हैं। कई होटल-ढाबे वाले अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। एलपीजी संकट के कारण इससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार भी संकट में पड़ा हुआ है।


