जैसलमेर में आगामी पर्यटन सीजन और डेस्टिनेशन वेडिंग्स की चमक के बीच व्यावसायिक एलपीजी गैस की किल्लत ने होटल व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है। आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा और संभावित संकट से निपटने के लिए जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने दो-टूक लहजे में गैस एजेंसियों को चेतावनी दी कि संकट के समय में उपभोक्ताओं का शोषण या गैस की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। होटल के प्रतिनिधियों ने बताया कि आगामी दिनों में बड़े आयोजनों की बुकिंग पहले से तय है। ऐसे में यदि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि राज्य सरकार स्तर पर वार्ता कर नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए। जिला रसद अधिकारी (DSO) रामसिंह मीणा और प्रवर्तन टीम ने जैसलमेर इंडेन गैस एजेंसी के गोदामों का निरीक्षण किया। टीम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और उपलब्ध सिलेंडरों का भौतिक सत्यापन किया। ‘वेडिंग सीजन’ पर संकट बैठक के दौरान जिले के नामचीन होटल समूहों के प्रतिनिधियों ने गैस आपूर्ति बंद होने से उत्पन्न हुई बाधाओं को प्रमुखता से उठाया। सूर्यागढ़, हेरिटेज होटल, होटल गोल्डन हवेली, रॉयल कोर्ट, इम्पीरियल होटल, केके रिजॉर्ट (सम) और ताज होटल के प्रतिनिधियों ने बताया कि जैसलमेर विश्वभर में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए प्रसिद्ध है। आगामी दिनों में बड़े आयोजनों की बुकिंग पहले से तय है। ऐसे में यदि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि राज्य सरकार स्तर पर वार्ता कर नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए। रामदेवरा भंडारे पर भी असर बैठक में समाजसेवी भीम सिंह ने एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि रामदेवरा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन होता है। भोजन प्रसादी तैयार करने के लिए भारी मात्रा में व्यावसायिक गैस की आवश्यकता रहती है। आपूर्ति बाधित होने से सेवा कार्यों में व्यवधान आ रहा है। पारदर्शिता रखें एजेंसियां- कलेक्टर जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने स्टॉक और वितरण की जानकारी पूरी तरह पारदर्शी रखें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “वैश्विक परिस्थितियों का बहाना बनाकर यदि किसी ने अवैध भंडारण या कालाबाजारी की कोशिश की, तो रसद विभाग उन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोरतम कार्रवाई करेगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर भी नजर रखी जाए और छापेमारी की जाए। डीएसओ ने किया गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण बैठक के तुरंत बाद जिला रसद अधिकारी (DSO) रामसिंह मीणा और प्रवर्तन टीम ने जैसलमेर इंडेन गैस एजेंसी के गोदामों का निरीक्षण किया। टीम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और उपलब्ध सिलेंडरों का भौतिक सत्यापन किया। रसद अधिकारी मीणा ने बताया कि फिलहाल जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त है और आम उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर, पर्यटन विभाग के अधिकारी और जिले की सभी प्रमुख गैस एजेंसियों के मैनेजर उपस्थित रहे।


