कटिहार जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के दावों के बावजूद, गेराबाड़ी बाजार में खुलेआम अवैध गैस सिलेंडरों की बिक्री हो रही है। इससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अवैध गैस रिफिलिंग का चल रहा धंधा
सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार विकास कुमार उर्फ डिंपल चौधरी द्वारा संचालित दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। ग्राहकों को पहले किताब दुकान पर भेजा जाता है, जहां ₹200 प्रति किलोग्राम दर से गैस की पर्ची काटी जाती है। इसके बाद उन्हें “आशीर्वाद” नामक दुकान पर ले जाकर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग कराई जाती है। इससे आम लोगों को आर्थिक और सुविधाजनक परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रखंड स्तर के अधिकारी, विशेषकर आपूर्ति विभाग, इस अवैध कारोबार से अनजान नहीं हो सकते। सुनील महतो, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद हजरत जैसे नागरिकों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद धावा दल गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि लगातार निगरानी रखी जाएगी और अवैध व्यापार को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कटिहार जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के दावों के बावजूद, गेराबाड़ी बाजार में खुलेआम अवैध गैस सिलेंडरों की बिक्री हो रही है। इससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अवैध गैस रिफिलिंग का चल रहा धंधा
सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार विकास कुमार उर्फ डिंपल चौधरी द्वारा संचालित दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। ग्राहकों को पहले किताब दुकान पर भेजा जाता है, जहां ₹200 प्रति किलोग्राम दर से गैस की पर्ची काटी जाती है। इसके बाद उन्हें “आशीर्वाद” नामक दुकान पर ले जाकर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग कराई जाती है। इससे आम लोगों को आर्थिक और सुविधाजनक परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रखंड स्तर के अधिकारी, विशेषकर आपूर्ति विभाग, इस अवैध कारोबार से अनजान नहीं हो सकते। सुनील महतो, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद हजरत जैसे नागरिकों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद धावा दल गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि लगातार निगरानी रखी जाएगी और अवैध व्यापार को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।


