अररिया में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रोजी कुमारी ने घोषणा की कि अब हर घर से कूड़े का उठाव अनिवार्य रूप से किया जाएगा और इसकी निगरानी ‘स्वच्छता मित्र ऐप’ के माध्यम से होगी। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला डीआरडीए सभा भवन में डीडीसी रोजी कुमारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें पलासी, भरगामा, कुर्साकांटा और सिकटी प्रखंड के सभी प्रखंड समन्वयक, कार्यपालक सहायक, स्वच्छता पर्यवेक्षक और वार रूम कर्मियों ने भाग लिया। डीआरडीए निदेशक, एपीओ, जिला समन्वयक विनय कुमार झा और जिला सलाहकार (सीबी एवं आईईसी) यशवंत कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। डीडीसी रोजी कुमारी ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता मित्र ऐप पर रोजाना एंट्री करना अनिवार्य है। स्वच्छता कर्मियों की उपस्थिति भी इसी ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी, जिसके आधार पर ही उन्हें मानदेय का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने सभी पंचायतों में हर घर से कूड़ा उठाव और उसके वैज्ञानिक निष्पादन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। कार्यशाला में स्वच्छता पर्यवेक्षकों से इलेक्ट्रिक रिक्शा और पैडल रिक्शा के माध्यम से कूड़ा उठाव की रिपोर्ट ली गई। सभी प्रखंडों में कूड़ा संग्रहण को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करना, स्वच्छता मित्र ऐप का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार लाना था। इस दौरान ऐप पर एंट्री करने, कर्मियों की उपस्थिति दर्ज करने, कूड़े के उठाव एवं निपटान के तरीकों तथा संबंधित रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता कोई एक दिवसीय अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि हर पंचायत में कूड़े का घर-घर से समय पर उठाव और उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे न केवल गांव स्वच्छ रहेंगे, बल्कि बीमारियों से भी बचाव होगा। अररिया में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रोजी कुमारी ने घोषणा की कि अब हर घर से कूड़े का उठाव अनिवार्य रूप से किया जाएगा और इसकी निगरानी ‘स्वच्छता मित्र ऐप’ के माध्यम से होगी। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला डीआरडीए सभा भवन में डीडीसी रोजी कुमारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें पलासी, भरगामा, कुर्साकांटा और सिकटी प्रखंड के सभी प्रखंड समन्वयक, कार्यपालक सहायक, स्वच्छता पर्यवेक्षक और वार रूम कर्मियों ने भाग लिया। डीआरडीए निदेशक, एपीओ, जिला समन्वयक विनय कुमार झा और जिला सलाहकार (सीबी एवं आईईसी) यशवंत कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। डीडीसी रोजी कुमारी ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता मित्र ऐप पर रोजाना एंट्री करना अनिवार्य है। स्वच्छता कर्मियों की उपस्थिति भी इसी ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी, जिसके आधार पर ही उन्हें मानदेय का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने सभी पंचायतों में हर घर से कूड़ा उठाव और उसके वैज्ञानिक निष्पादन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। कार्यशाला में स्वच्छता पर्यवेक्षकों से इलेक्ट्रिक रिक्शा और पैडल रिक्शा के माध्यम से कूड़ा उठाव की रिपोर्ट ली गई। सभी प्रखंडों में कूड़ा संग्रहण को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करना, स्वच्छता मित्र ऐप का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार लाना था। इस दौरान ऐप पर एंट्री करने, कर्मियों की उपस्थिति दर्ज करने, कूड़े के उठाव एवं निपटान के तरीकों तथा संबंधित रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता कोई एक दिवसीय अभियान नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि हर पंचायत में कूड़े का घर-घर से समय पर उठाव और उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे न केवल गांव स्वच्छ रहेंगे, बल्कि बीमारियों से भी बचाव होगा।


