Rajasthan: व्यापारी को गैंगस्टर की धमकी, फोन पर बोला- 5 मिनट का मौका मिला तो मार देंगे

Rajasthan: व्यापारी को गैंगस्टर की धमकी, फोन पर बोला- 5 मिनट का मौका मिला तो मार देंगे

जयपुर। कुचामन सिटी के एक व्यापारी को गैंगस्टर गिरोह की ओर से लगातार जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। ताजा घटनाक्रम में बदमाशों ने व्यापारी को फोन कर खुलेआम चेतावनी दी कि पुलिस गार्ड भी उसे नहीं बचा पाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी नजर उसकी हर गतिविधि पर है और मौका मिलते ही उसे खत्म कर देंगे।

इस मामले में पीड़ित व्यापारी ने जयपुर के बनीपार्क थाने में गैंगस्टर रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण और राहुल फतेहपुरिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार व्यापारी को करीब डेढ़ माह पहले भी इसी गिरोह की ओर से धमकी भरे कॉल आए थे। उस समय व्यापारी ने कुचामन थाने में मामला दर्ज कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार मिल रही धमकियों से व्यापारी और उसका परिवार दहशत में है।

फोन पर बोला- पुलिस भी नहीं बचा पाएगी

22 मार्च को आए कॉल में बदमाशों ने व्यापारी को डराने के लिए खुली धमकी दी। कॉल करने वाले ने कहा कि वे उसकी पूरी रैकी कर चुके हैं और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सुरक्षा भी बेअसर साबित होगी और उन्हें जैसे ही मौका मिलेगा, वे उसे जान से मार देंगे। इस कॉल के बाद व्यापारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार व्यापारी को पहले से सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है और अब उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुचामन सिटी पुलिस के साथ समन्वय बनाकर गैंगस्टर्स की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा स्पेशल और तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया है, जो कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • प्रशांत किरण, डीसीपी वेस्ट

पत्रिका व्यू

त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी

जयपुर सहित पूरे राजस्थान में व्यापारियों को मिल रही जान से मारने की धमकियों ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं से व्यापारिक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। इससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि निवेश और आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। गैंगस्टर्स और संगठित आपराधिक गिरोहों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ताकि कानून का डर बना रहे। साथ ही पुलिस को साइबर ट्रैकिंग, इंटेलिजेंस नेटवर्क और स्थानीय निगरानी को और मजबूत करना होगा, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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