फरीदाबाद की नीमला जेल में हुई आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के मामले में आरोपी गैंगस्टर अरुण चौधरी को 4 दिन की पुलिस रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आईबी की तरफ से पूछताछ की गई। हत्या में प्रयोग पत्थर व कपड़ा बरामद किया मामले की जांच कर रही डीएलएफ क्राइम ब्रांच ने पुलिस रिमांड के दौरा अरुण चौधरी से निशानदेही कराई। क्राइम ब्रांच ने हत्या में प्रयोग किए गए पत्थर और कपड़े को बरामद कर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी ने बताया है कि उसने कपड़े में पत्थर को बांधकर हथियार के रूप में तैयार किया। उसने इसी पत्थर से अब्दुल रहमान के सिर पर कई वार करके उसकी हत्या कर दी। अयोध्या राम मंदिर को लेकर विवाद पुलिस रिमांड पर आरोपी अरुण चौधरी ने खुलासा किया है कि वह अब्दुल रहमान से इसलिए नफरत करता था,जब उसको पता चला कि उसको राम मंदिर पर आंतकी हमले की साजिश रचने के केस में पकड़ा गया है। इसलिए उसने मौका मिलते ही अब्दुल रहमान की हत्या कर दी। घटना वाले दिन सोने से पहले उसकी अब्दुल रहमान से इस बात पर बहस हुई थी, जिससे अरुण का गुस्सा और बढ़ गया। गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जाट जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के खौर देवनियां गांव का रहने वाला है। उसे अक्टूबर 2024 में जम्मू-कमशीर की कठुआ जेल से नीमका जेल में ट्रांसफर किया गया था। IB ने की पूछताछ अब्दुल रहमान की हत्या के बाद अरुण चौधरी से दिल्ली से आकर IB की टीम ने भी पूछताछ की । जिसमें उसने अरुण चौधरी का दूसरे गैंग से संपर्कों को लेकर जानकारी एकत्रित की है। तीसरे आरोपी रियाज से भी पूछताछ क्राइम ब्रांच ने हत्या के समय सेल में मौजूद तीसरे युवक शोएब रियाज से भी पूछताछ की। उसने बताया कि घटना के समय वह सो रहा था और इसलिए उसे कुछ पता नहीं था। शोर सुनने पर वह उठा,जिसके बाद अन्य लोग वहां पर आ गये। उस समय सेल के आसपास ड्यूटी पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गई।


