अशोकनगर जिले के चंदेरी में तीन दिवसीय गणगौर उत्सव शनिवार से श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया। यह पर्व करीब 150 वर्षों से मनाया जा रहा है और शहर की पहचान बना हुआ है। उत्सव के पहले दिन महिलाओं ने अपने घरों में मिट्टी से बनी भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया। प्रतिमाओं को बेसन-मैदा से बने आभूषणों और सोने-चांदी के गहनों से सजाकर विधि-विधान से पूजा की गई। भव्य शोभायात्रा निकाली गई
शाम को फूटाकुआं मोहल्ले से शोभायात्रा की शुरुआत हुई। महिलाएं सिर पर सजी हुई प्रतिमाएं रखकर नगर के प्रमुख मार्गों से चल समारोह में शामिल हुईं। इस दौरान लोकनृत्य और भक्ति गीतों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। शोभायात्रा मां जागेश्वरी मेला स्थल पहुंची, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यहां देर रात तक नृत्य कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनका लोगों ने आनंद लिया। प्रतिमाओं पर कीमती आभूषण होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। पूरे मार्ग में पुलिस बल तैनात रहा और आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। 81वां जागेश्वरी मेला भी शुरू
नगरपालिका परिषद के तहत 81वां माँ जागेश्वरी देवी कृषि एवं पशु मेला भी शुरू हो गया है, जो 5 अप्रैल तक चलेगा। मेले में झूले, सर्कस, मौत का कुआं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र हैं। मेला अधिकारी प्रदीप शर्मा के अनुसार, अच्छी सजावट और बेहतर पशु लाने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। आसपास के क्षेत्रों से आए लोग देर रात तक मेले और उत्सव का आनंद लेते रहे।


