प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित शिल्प मेले के तहत एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर पूजा अग्रवाल और उनके साथियों ने ‘गंगा अवतरण’ नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। इसमें भारतीय पौराणिक कथा गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की दिव्य गाथा को मंचित किया गया। नृत्य नाटिका में तेजस्वी गोयल ने गंगा की भूमिका निभाई, जबकि संघमित्रा ने भगवान शिव और श्रद्धा ने ब्रह्मा जी का किरदार निभाया। भागीरथी की भूमिका में ममता ने अभिनय किया, जिससे कथानक और भी प्रभावशाली बन गया। नृत्य नाटिका के बाद मनीषा निरखी ने ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’ और ‘पापियों के पाप धोते धोते’ जैसे प्रसिद्ध गीतों की प्रस्तुति दी। इसके उपरांत राजनारायण ने निर्गुण गायन किया। जबावी बिरहा में राधेश्याम, जगत बहादुर, अरुण कुमार मौर्या, विजय शंकर, बसन्त लाल यादव और रामानंद ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन रुचि दुबे ने किया। सभी कलाकारों को पौधा देकर सम्मानित किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध धरोहर को प्रदर्शित किया।


