राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर गैंगवार, गैंगस्टर पपला गुर्जर का करीबी ढेर, जिगरी यार ने ही लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला

राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर गैंगवार, गैंगस्टर पपला गुर्जर का करीबी ढेर, जिगरी यार ने ही लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला

Papla Gurjar Gang: उत्तर भारत के कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर की गैंग में एक बार फिर खून बहा है। हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित नारनौल के गांव मूसनौता में वर्चस्व की जंग ने भयानक रूप अख्तियार कर लिया।

बता दें कि कभी पपला गुर्जर के दाएं हाथ माने जाने वाले दो साथी पुष्कर बायल और संदीप उर्फ संध्या अब एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। इस गैंगवार का अंत पुष्कर बायल की दर्दनाक हत्या के साथ हुआ। डेढ़ महीने पहले जेल से बाहर आए पुष्कर को उसके ही पुराने साथी ने बीच सड़क पर घेरकर मौत के घाट उतार दिया।

सरपंच के कार्यक्रम से लौटते वक्त बिछाया ‘मौत का जाल’

घटना उस वक्त हुई जब 33 वर्षीय पुष्कर बायल अपने साथी भीम सिंह के साथ गांव के सरपंच दशरथ सिंह के घर एक कार्यक्रम से लौट रहा था। हमलावरों ने पूरी प्लानिंग के साथ घेराबंदी की थी। जैसे ही पुष्कर की स्कॉर्पियो गांव के बस स्टैंड के पास पहुंची, वहां पहले से घात लगाए बैठे संदीप उर्फ संध्या और उसके 10-15 गुर्गों ने हमला कर दिया।

चॉकलेट और सफेद रंग की दो कैंपर गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुष्कर की गाड़ी को टक्कर मारकर रोका और उसे बाहर खींच लिया। चश्मदीद भीम सिंह ने बताया कि हमलावरों ने लोहे की रॉड और लाठियों से पुष्कर पर तब तक प्रहार किए, जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं। भीम ने किसी तरह अपनी गाड़ी स्टार्ट की और जान बचाकर भागा।

चाचा पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश

पुष्कर के चाचा पूर्णमल ने बताया कि सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे, तो हमलावरों का दुस्साहस सातवें आसमान पर था। संदीप उर्फ संध्या ने उन पर भी गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया और उनकी गाड़ी को गड्ढे में धकेल दिया। हमलावर भागते समय चिल्लाकर कह रहे थे, हम तुम्हें भी जिंदा मार देंगे। पूरा गांव इस खूनी मंजर को देखकर सहम गया।

पपला गुर्जर गैंग का ‘राजस्थान कनेक्शन’ और पुरानी दुश्मनी

यह केवल एक गांव की लड़ाई नहीं है, बल्कि इसके तार राजस्थान के कुख्यात बहरोड़ जेल ब्रेक कांड और पपला गुर्जर गैंग के नेटवर्क से जुड़े हैं। मृतक पुष्कर बायल और आरोपी संदीप उर्फ संध्या कभी पपला गुर्जर गैंग के सक्रिय सदस्य थे। राजस्थान और हरियाणा पुलिस के रिकॉर्ड में दोनों पर 10-10 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

पपला गुर्जर की गिरफ्तारी के बाद गैंग के बिखराव और इलाके में अपनी धाक जमाने को लेकर दोनों के बीच दरार आ गई थी। संदीप डेढ़ साल पहले जेल से आया था, जबकि पुष्कर महज 45 दिन पहले ही बाहर आया था।

नारनौल (हरियाणा) और बहरोड़-कोटपुतली (राजस्थान) के इलाकों में यह गैंग रंगदारी, शराब तस्करी और अवैध कब्जों के लिए कुख्यात रही है। इस हत्या के बाद अब राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी गैंगवॉर की आशंका बढ़ गई है।

हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर अलर्ट, पुलिस की टीमें सक्रिय

हत्या की सूचना मिलते ही नारनौल पुलिस ने मोर्चा संभाला। नागरिक अस्पताल में भारी भीड़ और ग्रामीणों के रोष को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने संदीप उर्फ संध्या और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की तलाश में सीआईए (CIA) और स्पेशल टीमों को लगाया गया है। चूंकि गांव राजस्थान सीमा से सटा हुआ है। इसलिए राजस्थान पुलिस को भी अलर्ट किया गया है, ताकि आरोपी सीमा पार न भाग सकें।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

पुष्कर की मौत के बाद मूसनौता गांव और आसपास के इलाकों में शोक के साथ-साथ भारी गुस्सा है। परिजनों का कहना है कि अगर हिस्ट्रीशीटरों पर पुलिस की निगरानी सख्त होती, तो सरेआम इस तरह की वारदात नहीं होती। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

क्यों भड़क सकती है गैंगवार की आग?

पपला गुर्जर गैंग के दो गुटों में बंटने से अब राजस्थान के अलवर, नीमराना और कोटपूतली क्षेत्र में भी तनाव है। पुष्कर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके समर्थक भी लामबंद हो सकते हैं। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब इस ‘चेन रिएक्शन’ को रोकना है।

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