बांका सदर अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार लेप्रोस्कोपिक तकनीक (बिना चीड़-फाड़ वाली आधुनिक सर्जरी) से गॉल ब्लैडर स्टोन का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सर्जरी सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा संपन्न हुई। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और संतोषजनक बताई जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में सर्जन डॉ. लक्ष्मण पंडित और डॉ. पवन कुमार झा ने मुख्य भूमिका निभाई। एनेस्थेटिस्ट के रूप में कुमार सौरभ और कुमार शैलेश मौजूद थे। टेक्नीशियन नंदलाल पंडित, ओटी असिस्टेंट कुमार अमित, तथा स्टाफ नर्स सीता और नीलम सहित पूरी चिकित्सीय टीम ने इस सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा करने में सहयोग किया। लेप्रोस्कोपिक तकनीक के लाभ भी बताए
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बांका सदर अस्पताल में मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि संभवतः बिहार के कुछ ही जिला अस्पतालों में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, और बांका सदर अस्पताल में इसकी शुरुआत जिले के लिए गर्व का विषय है। डॉ. कुमार ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक के लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी में मरीज को कम दर्द होता है, ऑपरेशन में कम समय लगता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है। इस सुविधा के शुरू होने से अब जिले के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों या अन्य अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सदर अस्पताल में इस आधुनिक सर्जरी की शुरुआत को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। बांका सदर अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार लेप्रोस्कोपिक तकनीक (बिना चीड़-फाड़ वाली आधुनिक सर्जरी) से गॉल ब्लैडर स्टोन का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सर्जरी सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा संपन्न हुई। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और संतोषजनक बताई जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में सर्जन डॉ. लक्ष्मण पंडित और डॉ. पवन कुमार झा ने मुख्य भूमिका निभाई। एनेस्थेटिस्ट के रूप में कुमार सौरभ और कुमार शैलेश मौजूद थे। टेक्नीशियन नंदलाल पंडित, ओटी असिस्टेंट कुमार अमित, तथा स्टाफ नर्स सीता और नीलम सहित पूरी चिकित्सीय टीम ने इस सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा करने में सहयोग किया। लेप्रोस्कोपिक तकनीक के लाभ भी बताए
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बांका सदर अस्पताल में मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि संभवतः बिहार के कुछ ही जिला अस्पतालों में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है, और बांका सदर अस्पताल में इसकी शुरुआत जिले के लिए गर्व का विषय है। डॉ. कुमार ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक के लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी में मरीज को कम दर्द होता है, ऑपरेशन में कम समय लगता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है। इस सुविधा के शुरू होने से अब जिले के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों या अन्य अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सदर अस्पताल में इस आधुनिक सर्जरी की शुरुआत को जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।


