FWICE ने ‘घूसखोर पंडत’ के मेकर्स को दी चेतावनी, ‘टाइटल’ विवाद के बाद मंडराया संकट!

FWICE ने ‘घूसखोर पंडत’ के मेकर्स को दी चेतावनी, ‘टाइटल’ विवाद के बाद मंडराया संकट!

FWICE Warning Ghooskhor Pandat Controversy: नेटफ्लिक्स की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने के बजाय और भी गरमाता जा रहा है। मनोज बाजपेयी की इस फिल्म के नाम पर पहले से ही सोशल मीडिया और कानूनी गलियारों में बहस छिड़ी हुई थी, यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर मायावती ने इसपर नाराजगी जताई थी, लेकिन अब जो हुआ वह किसी ने नहीं सोचा था।

फिल्म इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली संगठन ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) ने भी इस पर कड़ा ऐतराज जता दिया है। संगठन ने फिल्म के टाइटल को “अपमानजनक और भड़काऊ” करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

FWICE ने दी घूसखोर पंडत के मेकर्स को कड़ी चेतावनी (FWICE Warning Ghooskhor Pandat Makers)

FWICE ने फिल्म के निर्माता नीरज पांडे से अपील की है कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझें। संगठन का तर्क है कि ‘घूसखोर’ जैसे नकारात्मक शब्द को ‘पंडत’ जैसे पारंपरिक उपनाम के साथ जोड़ना एक खास समुदाय की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने जैसा है।

इतना ही नहीं FWICE ने एक कदम आगे बढ़ते हुए चेतावनी दी है कि अगर मेकर्स ने फिल्म का टाइटल नहीं बदला, तो वह अपने सदस्यों को फिल्ममेकर के आने वाले प्रोजेक्ट्स का बहिष्कार (बॉयकॉट) करने की सलाह दे सकते हैं। FWICE का यह रुख फिल्म की पूरी टीम के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।

FWICE Warning Ghooskhor Pandat Makers

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी किया आगाह (FWICE Warning to Other OTT Platform)

FWICE ने इस मामले में केवल नीरज पांडे को ही नहीं, बल्कि नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, और सोनी लिव जैसे तमाम बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी आधिकारिक पत्र लिखकर आगाह किया है। पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसे किसी भी टाइटल के रजिस्ट्रेशन और इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए जो किसी समुदाय को नकारात्मक रूप में पेश करते हों। संगठन ने आईएमपीपीए (IMPPA) और प्रोड्यूसर्स गिल्ड जैसे अन्य निर्माता संगठनों से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की बात कही है।

मनोज बाजपेयी ने दी थी टाइटल पर सफाई (Manoj Bajpayee clarification On Ghooskhor Pandat)

बढ़ता देख फिल्म के लीड एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए मनोज ने कहा कि वे लोगों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी भूमिका एक पूरी तरह से काल्पनिक किरदार की है, जो अपनी गलतियों और आत्मबोध के सफर से गुजरता है। उन्होंने इसे एक ‘कैरेक्टर-बेस्ड पुलिस ड्रामा’ बताया और कहा कि यह किसी समुदाय पर की गई टिप्पणी नहीं है।

Manoj Bajpayee clarification On Ghooskhor Pandat

प्रमोशनल कंटेंट पहले ही हटाए गए

बता दें कि विवाद इतना गहरा चुका है कि नेटफ्लिक्स ने अपने प्लेटफॉर्म से फिल्म का टीजर और अन्य प्रमोशनल सामग्री पहले ही हटा ली है। लखनऊ में एफआईआर दर्ज होने और अब फिल्म इंडस्ट्री के भीतर से ही उठते विरोध के सुरों ने मेकर्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब सवाल यह है कि क्या नीरज पांडे फिल्म का नाम बदलेंगे? फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि जिस तरह से मामला राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले चुका है, टाइटल में बदलाव ही इस फिल्म की रिलीज का इकलौता रास्ता नजर आ रहा है।

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