रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र स्थित आईटीआई लिमिटेड परिसर में संचालित कौशल विकास संस्थान पूरी तरह बंद हो गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत चल रहे इस संस्थान के सभी कमरों पर ताले लटके हुए हैं। इससे यहां प्रशिक्षण ले रहे सैकड़ों युवाओं का भविष्य अनिश्चित हो गया है। यह संस्थान देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों जैसे भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी और गेल इंडिया द्वारा समर्थित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत संचालित होता था। यहां युवाओं को विभिन्न तकनीकी और रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जाते थे, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार, संस्थान को रायबरेली से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जनपद में स्थानांतरित किया जा रहा है। लखीमपुर में गेल इंडिया की अपनी बिल्डिंग तैयार है। हालांकि, संस्थान के प्रिंसिपल योगेश मिश्रा ने इस स्थानांतरण पर कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है। संस्थान से जुड़े कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि इस अचानक लिए गए निर्णय से लगभग 40 से 50 लोगों के सामने रोजगार और स्थानांतरण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। हालांकि, प्रबंधन का दावा है कि किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जा रहा है, बल्कि सभी व्यवस्थाओं को लखीमपुर स्थानांतरित किया जा रहा है। रायबरेली जैसे जिले में, जहां केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक जैसे जनप्रतिनिधि मौजूद हैं, वहां से इस महत्वपूर्ण संस्थान का हटना स्थानीय विकास के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके बावजूद, जिले के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। संस्थान के बंद होने और स्थानांतरण को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया गया है या इसके पीछे कोई अन्य कारण हैं? सबसे बड़ा सवाल उन सैकड़ों युवाओं के भविष्य को लेकर है जिनका प्रशिक्षण इस संस्थान से जुड़ा था।


