भाजयुमो के क्षेत्रीय महामंत्री का अंतिम संस्कार:फूट- फूट कर रोएं भाई, पत्नी का रो- रो कर बुरा हाल, BJP विधायक पहुंचे

भाजयुमो के क्षेत्रीय महामंत्री का अंतिम संस्कार:फूट- फूट कर रोएं भाई, पत्नी का रो- रो कर बुरा हाल, BJP विधायक पहुंचे

गोरखपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री अखिल देव त्रिपाठी का आज उनके गांव बलुआ कैंपियरगंज में 11:30 बजे के आसपास अंतिम संस्कार हुआ। सैकड़ों की संख्या में लोग घाट तक पहुंचे। अंतिम विदाई देने से पहले उनके तीनों भाई फूट- फूट कर रोने लगे। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी का झंडा अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। बड़े भाई कृष्ण देव ने मुखाग्नि दी। उधर घर पर पत्नी का भी रो- रो कर बुरा हाल है। साथ ही परिवार के अन्य लोग और रिश्तेदारों में शोक का मौहाल है। अंतिम विदाई प्रदीप शुक्ला विधायक ,हर्षवर्धन सिंह प्रदेश महामंत्री भाजपा युवा मोर्चा, पुरुषार्थ सिंह क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजयुमो, अंबिकेश धर दुबे क्षेत्रीय मंत्री भाजयुमो, सूरज राय, गोविंद वर्मा क्षेत्रीय कार्यसमिति, सचिन चौधरी, दिलीप मिश्रा, आलोक अनन्द , जयदित्य सिंह के साथ विश्वद्यालय के तमाम बड़े छात्र नेता घाट पर मौजूद रहें। रवि किशन ने दी अंतिम संस्कार की सूचना ​​​​​ अखिलदेव के असमय मौत से शहर और राजीनीति में शोक का माहौल है। रवि किशन के अपने फेस बुक पोस्ट के जरिए अखिलदेव के अंतिम संस्कार के जगह और समय की सूचना दी। बताया जा रहा है कि अखिल को सर्वाइकल की प्रॉब्लम थी। लंबे समय उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए बोल दिया था। मंगलवार को लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ। कंडीशन धीरे- धीरे बिगड़ी और शुक्रवार को सुबह उनका निधन हो गया। अखिल दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के अंतिम उपाध्यक्ष रहे। सूचना मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अस्पताल पहुंच शोक संवेदना व्यक्त की। भारतीय जनता युवा मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री अखिल देव त्रिपाठी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। उन्हें सर्वाइकल की प्रॉब्लम थी। मंगलवार को उनका आपरेशन हुआ था। शुक्रवार को उनकी अचानक तबियत बिगड़ गई। उनका दोपहर में उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अस्पताल पहुंच शोक संवेदना व्यक्त की। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानन्द राय, प्रदेश उपाध्यक्ष, सदस्य विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन शुक्ल, विधायक गण श्रीराम चौहान, फतेहबहादुर सिंह, महेन्द्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, विमलेश पासवान, राजेश त्रिपाठी, इ० सरवन निषाद, बिपिन सिंह, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी डॉ बच्चा पाण्डेय नवीन, जिला मीडिया प्रभारी के एम मझवार, महानगर मीडिया प्रभारी चन्दन आर्या, भाजयुमो क्षेत्रीय अध्यक्ष पुरुषार्थ सिंह, जिलाध्यक्ष दुर्गेश दुबे नीरज, महानगर अध्यक्ष सत्यार्थ मिश्रा समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। उनके निधन से विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति में उनके साथ सक्रिय रहे युवाओं में दुख हैं। सूचना मिलने के बाद परिवार, दोस्तों और भाजयुमो के सदस्यों में शोक की लहर है। लोग शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। वहीं इस दुःख की घड़ी में उनके घर पहुंच कर परिवार का ढांढ़स बढ़ा रहे हैं। जानिए अखिलदेव से जुड़ी बातें
अखिल देव का जन्म साल 1996 में हुआ। उनका घर बलुआ कैंपियरगंज में है। बचपन में ही पिता का देहांत हो गया था। मां भी लगभग पांच वर्षों पहले दुनिया छोड़ कर चली गई।पिछले साल उनकी शादी हुई ही। पत्नी एक हाउस वाईफ हैं। अभी उनके कोई बच्चे नहीं हैं। अखिलेश के तीन भाई हैं। DDU से ली LLB और LLM की डिग्री अखिलदेव पेशे से अधिवक्ता थे। उन्होंने डीडीयू से LLB और LLM की डिग्री ली थी। उनकी स्कूलिंग सरस्वती शिशु मंदिर से हुई है जबकि एमजी इंटर कॉलेज से उन्होंने इंटरमीडिएट किया। डीडीयू में एडमिशन लेने के बाद से ही वे छात्र राजनीति में सक्रीय रहें। वहीं से उन्होंने अपनी राजनितिक करियर की शुरुआत की। पढ़ाई करते हुए पहले विद्यार्थी परिषद ज्वाइन किया था। फिर 2016 में छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय लड़ कर विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष चुने गए। छात्र संघ के अंतिम उपाध्यक्ष अखिलदेव अंतिम उपाध्यक्ष हैं, क्योंकि उसके बाद से छात्र संघ का चुनाव ही नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक 2018 के आसपास उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा ज्वाइन किया। उस समय वे भाजयुमो के क्षेत्रीय मंत्री बने। उसके बाद पुरुषार्थ सिंह के कार्यकाल में भाजयुमो के क्षेत्रीय महामंत्री के पद पर बने हुए थे। अखिलदेव शुरू से ही युवा सांसद में प्रतिभाग करते थे। संस्कृत और हिंदी लेखन में माहिर थे। अपने मृदुभाषी स्वभाव, ओजस्वी वक्ता और कर्मठता से संगठन में अपनी विशेष पहचान बनाते हुए आगे बढ़ रहे थे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *