औरंगजेब की कब्र पर शौचालय से लेकर हिंदुस्तान हमारे बाप का था… मनोज मुंतशिर के ये हैं 5 विवादित बयान

औरंगजेब की कब्र पर शौचालय से लेकर हिंदुस्तान हमारे बाप का था… मनोज मुंतशिर के ये हैं 5 विवादित बयान

Manoj Muntashir Birthday: फेमस गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला अपने लेख से ज्यादा अक्सर अपने तीखे और बेबाक बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। ‘तेरी मिट्टी’ जैसे भावुक गीत लिखने वाले मनोज अक्सर अपने बयानों से विवाद खड़ा कर देते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही उनके 5 विवादों पर के बारे में जिन्होंने मनोज मुंतशिर को सोशल मीडिया के ‘हॉट टॉपिक’ में बदल दिया।

औरंगजेब की कब्र पर ‘शौचालय’ का सुझाव (Manoj Muntashir Birthday)

मनोज मुंतशिर का सबसे चर्चित और विवादित बयान औरंगजेब की कब्र को लेकर आया था। जब देश में औरंगजेब की कब्र को हटाने या स्थानांतरित करने की मांग उठ रही थी, तब मनोज ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सलाह दी थी कि कब्र को हटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि उस पर ‘सार्वजनिक शौचालय’ बनवा देना चाहिए। इस बयान के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया और कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और अभद्र टिप्पणी बताया था।

Manoj Muntashir Top 5 Statement

हिंदुस्तान हमारे बाप का था और है (Manoj Muntashir Controversy)

मशहूर शायर राहत इंदौरी की मशहूर पंक्ति “किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है” पर पलटवार करते हुए मनोज मुंतशिर ने एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा था- “हिंदुस्तान हमारे बाप का था, है और रहेगा।” यह बयान खासकर उन लोगों के खिलाफ था जिन्हें वे ‘इतिहास को नकारने वाले’ मानते हैं। उनके इस बयान ने देशभक्ति बनाम सेकुलरिज्म की एक नई बहस छेड़ दी थी।

‘आदिपुरुष’ और ‘बुआ का बागीचा’ (Manoj Muntashir Top 5 Statement)

मनोज मुंतशिर के करियर का सबसे मुश्किल दौर फिल्म ‘आदिपुरुष’ की रिलीज के दौरान आया। फिल्म में हनुमान जी और अन्य पात्रों के संवादों को लेकर जमकर विरोध हुआ था। ‘तेल तेरे बाप का, कपड़ा तेरे बाप का…’ जैसे संवादों का बचाव करते हुए मनोज ने इन्हें ‘आज की भाषा’ और ‘सरल रामायण’ बताया था। हालांकि, भारी जन आक्रोश के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी और फिल्म के डायलॉग बदले गए थे।

Manoj Muntashir Top 5 Statement

दिग्गजों से भी भिड़े मुंतशिर

मनोज केवल राजनेताओं या प्रदर्शनकारियों से ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के दिग्गजों से भी टकराते रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह के एक बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने इसे ‘तुष्टिकरण का दौर’ बताया था। वहीं, फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि नफरत फैलाने वाले खत्म हो जाएंगे, लेकिन ब्राह्मणों की परंपरा और गरिमा अटल रहेगी।

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