बिहार के सभी सरकारी दफ्तरों में अब बिहार में बने प्रोडक्ट की खरीदारी की जाएगी। इतना ही नहीं, बिहार में जितनी भी सरकारी खरीद होंगे, उसमें पहली प्राथमिकता बिहार में बने सामान को मिलेगी। बहुत जल्द सरकार इस संबंध में आदेश जारी करने जा रही है। बिहार के उद्योग व पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि, बिहार की आबादी 14-15 करोड़ है। ये आबादी हमारे लिए अवसर है। जब हम वोकल फॉर लोकल होंगे, तभी सारे उद्योगपति यहां आकर उद्योग लगाने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, अब बिहार में अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले यंगस्टर्स को सरकार बिहार के टॉप-5 टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस में शामिल आईआईटी पटना, चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के एक्सपर्ट से ट्रेनिंग दिलाएगी ताकि वे अपने आइडिया को बेहतर और सफल व्यापार के रूप में स्थापित कर सकें। पढ़िए और देखिए उद्योग और पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू… सवाल- सबसे ज्यादा रोजगार की जिम्मेदारी आपके पास है, आप इसके लिए क्या कर रहे हैं? जवाब: हम सबसे पहले उद्योग नीति में बदलाव करने जा रहे हैं। पहले हम उद्योग नीति 2025 लेकर आए थे। इसमें कुछ कमियां रह गई थीं। विभाग ने इसकी समीक्षा की। समीक्षा के बाद MSME, लघु और कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री में किस तरह से निवेश हो और इंडस्ट्री लगे, इसके लिए नई पॉलिसी लेकर आने वाले हैं। मुझे यकीन है कि हमारी नई नीति जाएगी तो बिहार में उद्योग का जाल बिछेगा। सवाल: नई नीति में पुरानी पॉलिसी से क्या नया होने वाला है? जवाब- सबसे बड़ा बदलाव तो स्टार्टअप को लेकर है। नई पॉलिसी में सबसे ज्यादा मदद स्टार्टअप करने वाले युवाओं को होगा। इसके तहत अगर युवा अपना स्टार्टअप लगाना चाहेंगे तो सरकार उन्हें पहले से ज्यादा सपोर्ट करेगी। इसे ऐसे समझें कि स्टार्टअप की शुरुआत में सरकार उसे शुरू करने वाले को मेंटरशिप देती है। इसे इनक्यूबेशन पीरियड कहा जाता है। इसे हमलोग अपग्रेड करने जा रहे हैं। हम ऐसे युवाओं को कोच, कोऑर्डिनेट और सपोर्ट करेंगे। इसके लिए हम आईआईटी पटना, चंद्रगुप्त लॉ यूनिवर्सिटी और 3-4 बड़े संस्थान को मेंटर बनाने जा रहे हैं। उनके प्रोजेक्ट की प्रॉपर ट्रेनिंग उन्हें देंगे ताकि जिस आइडिया के साथ वो बिजनेस करना चाहते हैं उनकी व्यापक समझ उसके पास हो। सवाल: लोकल उद्यमियों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या करने जा रही है? जवाब: बिहार के सभी विभाग में अब बिहार में ही बनी चीजें इस्तेमाल होंगी। ऐसे सामान जिनकी क्वालिटी अच्छी है। बिहार में ही उसे बनाया जा रहा है। उसे प्रायोरिटी दी जाएगी। हमलोग इस बात को अनिवार्य करने जा रहे हैं कि बिहार में जितनी भी सरकारी खरीद हो उसमें पहला प्रेफरेंस बिहार में ही बने सामान को दिया जाएगा। बिहार की 14-15 करोड़ की आबादी है। ये हमारे लिए अवसर है। इतने बड़े मार्केट में प्रोडक्ट आसानी से बेचा जा सकता है। जब हम वोकल फॉर लोकल होंगे तो सभी उद्योगपति यहां पर उद्योग लगाने के लिए बाध्य होंगे। सवाल: किस-किस तरह के प्रोडक्ट की खरीदारी विभाग में की जाएगी? जवाब: हर तरह के सामान फर्नीचर, कुर्सी, टेबल, आलमीरा से लेकर स्टील के प्रोडक्ट तक। भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामान से लेकर रोजमर्रा के कार्यों में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट तक, चप्पल से लेकर बैग, शॉल, कंबल, सबकुछ बिहार में बना हुआ ही सरकारी संस्था खरीदेगी। हम ऐसा नियम बनाने जा रहे हैं। सवाल: नई सरकार बनने के बाद कितनी बड़ी कंपनियों ने अप्रोच किया है? जवाब: अभी सरकार बने हुए मुश्किल से एक महीना हुआ है। अभी शुरुआत है। शुरुआत बहुत अच्छा है। 5-6 महीने के बाद इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे। शुरुआत बहुत सकारात्मक हुआ है। निवेशक बहुत तेजी से बिहार की ओर आ रहे हैं। बड़ी कंपनियों की बात करें तो दिवाज ग्रुप, अशोक लेलैंड, कोका कोला, बिहार में नई प्लांट लगाने जा रही है। सीमेंट की कंपनियां भी नई प्लांट लगाएंगी। इस तरह के कई प्रस्ताव आ रहे हैं। इनके अलावा न्यूक्लियर और सेमी कंडक्टर की कंपनियां भी प्रस्तावित हैं। सवाल: केंद्र की नई पॉलिसी के कारण एथेनॉल प्लांट बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगी? क्या आप केंद्र से इस संबंध में बात कर रहे हैं? जवाब: एथेनॉल प्लांट में जो भी प्रोडक्शन होता था, भारत सरकार उसकी खरीद करती थी। अब नई समस्या आई है कि जितना प्रोडक्शन होता है, भारत सरकार उतना खरीद नहीं पा रही है। 50 प्रतिशत ही खरीदारी हो रही है। इसके कारण एथेनॉल प्लांट पर थोड़ा संकट आने वाला है। हमारी केंद्र सरकार से इस मामले पर बात हुई है। गाड़ियों के लिए इस वक्त E-20 इंजन बन रहे हैं। ऐसी इंजन वाली गाड़ी 20% एथेनॉल मिले पेट्रोल से चल सकती है। एथेनॉल से पॉल्यूशन बेहद कम होता है। पेट्रोल में एथेनॉल की मिक्सिंग अगर 20-25 फीसदी कर दी जाए तो खपत बढ़ सकती है। केंद्र सरकार भी अपने एक्सपर्ट के साथ इस पर चर्चा कर रही है कि कैसे इसकी खरीदारी को बढ़ाया जा सकता है। सवाल: बिहार सरकार रोड कंस्ट्रक्शन में क्या नया करने जा रही है? जवाब: बिहार में मुख्यमंत्री 7 निश्चय-3 के तहत 5 नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाना है। इसका प्रपोजल लगभग तैयार कर लिया गया है। बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री का प्रोजेक्ट है कि बिहार के किसी भी हिस्से से 5 घंटे से कम समय में पटना पहुंचा जा सके, इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवाल: नए एक्सप्रेस वे की घोषणा हो रही है, लेकिन प्रोजेक्ट का डिले कम करने के लिए सरकार क्या कर रही है? जवाब: बिहार रोड कंस्ट्रक्शन के मामले में आज से 10 साल आगे चल रहा है। ऐसी स्थिति में हमारी जो परियोजना लंबित है, उसकी हमने समीक्षा की है। 10-12 प्रोजेक्ट डिले चल रहे हैं। इसे समय पर कैसे पूरा किया जाए इसके निर्देश दिए गए हैं। समय से प्रोजेक्ट पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो रही है। प्रगति यात्रा के दौरान दिए गए एक आदेश को पूरा नहीं करने पर शिवहर पथ प्रमंडल के एक कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड किया गया। ऐसे एक्शन आगे भी लिए जाते रहेंगे। जानबूझकर लेट करने वाले अधिकारी को सस्पेंड किया जाएगा। सवाल: गंगा पथ पर बन रहे एक्वेरियम में क्या खास होगा? जवाब: गंगा पथ पर एक्वेरियम बनेगा। यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हमलोग सिंगापुर की तर्ज पर बड़ा एक्वेरियम बनाने जा रहे हैं। पूरी दुनिया की मछली और जलीय जीव को इसमें रखा जाएगा। सवाल: आपके प्रदेश अध्यक्ष रहते बिहार में पार्टी सबसे बड़ी सफलता हासिल की, अब आप मंत्री हैं, अपनी किस जिम्मेदारी को सबसे कठिन मानते हैं? जवाब: लोग मुझे शगुनिया अध्यक्ष बोलते हैं। 4 उपचुनाव हुए, चारों हम जीते। बिहार में बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन का गठन हुआ। 60 लाख प्राथमिक सदस्य बने। हमने संगठन जिला बढ़ाया। संगठन मंडल बढ़ाया। एनडीए में हमारी 5 पांडव की एकता थी। इसे हमने और मजबूत किया। एनडीए जिला सम्मेलन किया। 202 सीट के साथ सरकार बनाए। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी बिहार से मिला। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, इसे भी बहुत ही जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास कर रहा हूं। बिहार के सभी सरकारी दफ्तरों में अब बिहार में बने प्रोडक्ट की खरीदारी की जाएगी। इतना ही नहीं, बिहार में जितनी भी सरकारी खरीद होंगे, उसमें पहली प्राथमिकता बिहार में बने सामान को मिलेगी। बहुत जल्द सरकार इस संबंध में आदेश जारी करने जा रही है। बिहार के उद्योग व पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि, बिहार की आबादी 14-15 करोड़ है। ये आबादी हमारे लिए अवसर है। जब हम वोकल फॉर लोकल होंगे, तभी सारे उद्योगपति यहां आकर उद्योग लगाने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, अब बिहार में अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले यंगस्टर्स को सरकार बिहार के टॉप-5 टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस में शामिल आईआईटी पटना, चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के एक्सपर्ट से ट्रेनिंग दिलाएगी ताकि वे अपने आइडिया को बेहतर और सफल व्यापार के रूप में स्थापित कर सकें। पढ़िए और देखिए उद्योग और पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू… सवाल- सबसे ज्यादा रोजगार की जिम्मेदारी आपके पास है, आप इसके लिए क्या कर रहे हैं? जवाब: हम सबसे पहले उद्योग नीति में बदलाव करने जा रहे हैं। पहले हम उद्योग नीति 2025 लेकर आए थे। इसमें कुछ कमियां रह गई थीं। विभाग ने इसकी समीक्षा की। समीक्षा के बाद MSME, लघु और कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री में किस तरह से निवेश हो और इंडस्ट्री लगे, इसके लिए नई पॉलिसी लेकर आने वाले हैं। मुझे यकीन है कि हमारी नई नीति जाएगी तो बिहार में उद्योग का जाल बिछेगा। सवाल: नई नीति में पुरानी पॉलिसी से क्या नया होने वाला है? जवाब- सबसे बड़ा बदलाव तो स्टार्टअप को लेकर है। नई पॉलिसी में सबसे ज्यादा मदद स्टार्टअप करने वाले युवाओं को होगा। इसके तहत अगर युवा अपना स्टार्टअप लगाना चाहेंगे तो सरकार उन्हें पहले से ज्यादा सपोर्ट करेगी। इसे ऐसे समझें कि स्टार्टअप की शुरुआत में सरकार उसे शुरू करने वाले को मेंटरशिप देती है। इसे इनक्यूबेशन पीरियड कहा जाता है। इसे हमलोग अपग्रेड करने जा रहे हैं। हम ऐसे युवाओं को कोच, कोऑर्डिनेट और सपोर्ट करेंगे। इसके लिए हम आईआईटी पटना, चंद्रगुप्त लॉ यूनिवर्सिटी और 3-4 बड़े संस्थान को मेंटर बनाने जा रहे हैं। उनके प्रोजेक्ट की प्रॉपर ट्रेनिंग उन्हें देंगे ताकि जिस आइडिया के साथ वो बिजनेस करना चाहते हैं उनकी व्यापक समझ उसके पास हो। सवाल: लोकल उद्यमियों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या करने जा रही है? जवाब: बिहार के सभी विभाग में अब बिहार में ही बनी चीजें इस्तेमाल होंगी। ऐसे सामान जिनकी क्वालिटी अच्छी है। बिहार में ही उसे बनाया जा रहा है। उसे प्रायोरिटी दी जाएगी। हमलोग इस बात को अनिवार्य करने जा रहे हैं कि बिहार में जितनी भी सरकारी खरीद हो उसमें पहला प्रेफरेंस बिहार में ही बने सामान को दिया जाएगा। बिहार की 14-15 करोड़ की आबादी है। ये हमारे लिए अवसर है। इतने बड़े मार्केट में प्रोडक्ट आसानी से बेचा जा सकता है। जब हम वोकल फॉर लोकल होंगे तो सभी उद्योगपति यहां पर उद्योग लगाने के लिए बाध्य होंगे। सवाल: किस-किस तरह के प्रोडक्ट की खरीदारी विभाग में की जाएगी? जवाब: हर तरह के सामान फर्नीचर, कुर्सी, टेबल, आलमीरा से लेकर स्टील के प्रोडक्ट तक। भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामान से लेकर रोजमर्रा के कार्यों में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट तक, चप्पल से लेकर बैग, शॉल, कंबल, सबकुछ बिहार में बना हुआ ही सरकारी संस्था खरीदेगी। हम ऐसा नियम बनाने जा रहे हैं। सवाल: नई सरकार बनने के बाद कितनी बड़ी कंपनियों ने अप्रोच किया है? जवाब: अभी सरकार बने हुए मुश्किल से एक महीना हुआ है। अभी शुरुआत है। शुरुआत बहुत अच्छा है। 5-6 महीने के बाद इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे। शुरुआत बहुत सकारात्मक हुआ है। निवेशक बहुत तेजी से बिहार की ओर आ रहे हैं। बड़ी कंपनियों की बात करें तो दिवाज ग्रुप, अशोक लेलैंड, कोका कोला, बिहार में नई प्लांट लगाने जा रही है। सीमेंट की कंपनियां भी नई प्लांट लगाएंगी। इस तरह के कई प्रस्ताव आ रहे हैं। इनके अलावा न्यूक्लियर और सेमी कंडक्टर की कंपनियां भी प्रस्तावित हैं। सवाल: केंद्र की नई पॉलिसी के कारण एथेनॉल प्लांट बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगी? क्या आप केंद्र से इस संबंध में बात कर रहे हैं? जवाब: एथेनॉल प्लांट में जो भी प्रोडक्शन होता था, भारत सरकार उसकी खरीद करती थी। अब नई समस्या आई है कि जितना प्रोडक्शन होता है, भारत सरकार उतना खरीद नहीं पा रही है। 50 प्रतिशत ही खरीदारी हो रही है। इसके कारण एथेनॉल प्लांट पर थोड़ा संकट आने वाला है। हमारी केंद्र सरकार से इस मामले पर बात हुई है। गाड़ियों के लिए इस वक्त E-20 इंजन बन रहे हैं। ऐसी इंजन वाली गाड़ी 20% एथेनॉल मिले पेट्रोल से चल सकती है। एथेनॉल से पॉल्यूशन बेहद कम होता है। पेट्रोल में एथेनॉल की मिक्सिंग अगर 20-25 फीसदी कर दी जाए तो खपत बढ़ सकती है। केंद्र सरकार भी अपने एक्सपर्ट के साथ इस पर चर्चा कर रही है कि कैसे इसकी खरीदारी को बढ़ाया जा सकता है। सवाल: बिहार सरकार रोड कंस्ट्रक्शन में क्या नया करने जा रही है? जवाब: बिहार में मुख्यमंत्री 7 निश्चय-3 के तहत 5 नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाना है। इसका प्रपोजल लगभग तैयार कर लिया गया है। बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री का प्रोजेक्ट है कि बिहार के किसी भी हिस्से से 5 घंटे से कम समय में पटना पहुंचा जा सके, इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सवाल: नए एक्सप्रेस वे की घोषणा हो रही है, लेकिन प्रोजेक्ट का डिले कम करने के लिए सरकार क्या कर रही है? जवाब: बिहार रोड कंस्ट्रक्शन के मामले में आज से 10 साल आगे चल रहा है। ऐसी स्थिति में हमारी जो परियोजना लंबित है, उसकी हमने समीक्षा की है। 10-12 प्रोजेक्ट डिले चल रहे हैं। इसे समय पर कैसे पूरा किया जाए इसके निर्देश दिए गए हैं। समय से प्रोजेक्ट पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो रही है। प्रगति यात्रा के दौरान दिए गए एक आदेश को पूरा नहीं करने पर शिवहर पथ प्रमंडल के एक कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड किया गया। ऐसे एक्शन आगे भी लिए जाते रहेंगे। जानबूझकर लेट करने वाले अधिकारी को सस्पेंड किया जाएगा। सवाल: गंगा पथ पर बन रहे एक्वेरियम में क्या खास होगा? जवाब: गंगा पथ पर एक्वेरियम बनेगा। यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हमलोग सिंगापुर की तर्ज पर बड़ा एक्वेरियम बनाने जा रहे हैं। पूरी दुनिया की मछली और जलीय जीव को इसमें रखा जाएगा। सवाल: आपके प्रदेश अध्यक्ष रहते बिहार में पार्टी सबसे बड़ी सफलता हासिल की, अब आप मंत्री हैं, अपनी किस जिम्मेदारी को सबसे कठिन मानते हैं? जवाब: लोग मुझे शगुनिया अध्यक्ष बोलते हैं। 4 उपचुनाव हुए, चारों हम जीते। बिहार में बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन का गठन हुआ। 60 लाख प्राथमिक सदस्य बने। हमने संगठन जिला बढ़ाया। संगठन मंडल बढ़ाया। एनडीए में हमारी 5 पांडव की एकता थी। इसे हमने और मजबूत किया। एनडीए जिला सम्मेलन किया। 202 सीट के साथ सरकार बनाए। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भी बिहार से मिला। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, इसे भी बहुत ही जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास कर रहा हूं।


