Favourite Movies of Indian Politicians: भारतीय राजनीति हो या किसी दूसरे देश की राजनीति, जनता अक्सर पॉलिटिक्स को गंभीर, सख्त और नीतियों तक सीमित मानती है, लेकिन ये सहीं नहीं है। राजनितिक गलियारों के कई ऐसे बड़े और दिग्गज नेता हैं जिनका सिनेमा के प्रति एक खास लगाव रहा है। वहीं, अगर बात की जाए भारतीय राजनेताओं की तो देश की राजनीति में कई ऐसे नेता रहे हैं जिनका सिनेमा से सीधा कनेक्शन रहा है। भारतीय राजनीति में कई बड़े और दिग्गज नेता हैं जो पहले फिल्मों में काम कर चुके हैं इनमें शत्रुघ्न सिन्हा, जया प्रदा, मिथुन चक्रवर्ती, गोविंदा, जया भादुड़ी, रजनीकांत, जयललिता, एन.टी. रामा राव (एनटीआर) जैसे कई कलाकार एक्टर से पॉलिटिशियन बने हैं। वहीं, इसके उलट कुछ राजनेता ऐसे भी हैं जिनको फिल्म इंडस्ट्री और फिल्मों में काफी इंटरेस्ट हैं।
आज हम इन्हीं में से कुछ नेताओं के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जो फिल्मों में खासी रूचि रखते हैं और जिन्होंने खुद अपनी पसंदीदा फिल्मों और फिल्मों के प्रति अपने रुझान के बारे में बात की है।
शरद पवार और फिल्मों से उनका जुड़ाव

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है महाराष्ट्र के प्रमुख नेताओं में से एक शरद पवार का। शरद पवार भारत के केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रक्षामंत्री और कृषि मंत्री भी रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित हुई खबर के मुताबिक, शरद पवार ने अपने बचपन का एक किस्सा शेयर किया था और बताया था कि कैसे वो एक बार साइकिल से फिल्म की शूटिंग देखने के लिए गए थे। उन्होंने बताया था कि जब वो स्कूल में पढ़ते थे तब उन्हें पता चला कि दिलीप कुमार की फिल्म नया दौर की शूटिंग पुणे जिले के जेज़ुरी में चल रही है। उस समय पवार और उनके मित्र साइकिल पर बैठकर जेज़ुरी गए ताकि वे अपने पसंदीदा अभिनेता को शूटिंग करते देख सकें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह उनका पहला मौका था जब उन्होंने दिलीप कुमार को देखा था और ये अनुभव उनके लिए बेहद यादगार रहा। बता दें कि शरद पवार दिलीप कुमार के बहुत बड़े फैन थे।
इसके साथ ही उन्होंने बताया, ‘कई सालों बाद जब मैं पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हुआ, तो मेरे और दिलीप कुमार के बीच एक अलग तरह का संबंध बन गया था।’ आगे उन्होंने बताया था कि दिलीप साहब और उनकी दोस्ती इतनी गहरी हो गई थी कि दिलीप साहब 2 बार चुनावी रैली में प्रचार-प्रसार के लिए भी शामिल हुए थे।’ पवार ने यह भी कहा कि दिलीप कुमार उनके लिए एक पिता समान व्यक्तित्व थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

एक हार्डवर्किंग नेता की छवि को देखते हुए, यह कहना गलत नहीं है कि देश की बागडोर संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास फुर्सत के पल कम ही होते होंगे। और इसमें कोई दोराय नहीं है कि फिल्में देखना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे आखिर में आता होगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के साथ बातचीत में इस बात का खुलासा किया था कि उन्हें फिल्में देखने का समय नहीं मिलता क्योंकि वो पूरे दिन काम में व्यस्त रहते हैं। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि उनको किस तरह की फिल्में पसंद हैं, तो उन्होंने बताया कि उनके बचपन वाली ज्यादातर फिल्में गंभीर और स्लो होती थीं, जिनमें राजेंद्र कुमार जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में होते थे, और वो फिल्में उनको ज्यादा पसंद नहीं आती थीं। हालांकि, उन्होंने ये भी बताया था कि उनकी ऑल-टाइम फेवरेट फिल्म देव आनंद और वहीदा रहमान की फिल्म ‘गाइड’ है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया था कि वो फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी भावनाओं और संदेशों को भी महत्व देते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

इस बात में कोई दोराय नहीं है देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर कितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है और फिल्मों के लिए समय निकलना उनके लिए कितना मुश्किल होता होगा। हाल ही में राजनाथ सिंह दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में शामिल हुए। उन्होंने फिल्म की सराहना की और फिल्म को बहादुर जवानों को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि बताया। ‘इक्कीस’ से पहले उन्होंने देशभक्ति और 1965 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित अक्षय कुमार की ‘स्काई फोर्स’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में भी हिस्सा लिया था और फिल्म की तारीफ की थी। इसके अलावा उनकी पसंदीदा फिल्मों में आयुष्मान खुराना की ‘आर्टिकल 370’ का नाम भी शामिल है। अगर फिल्मों में राजनाथ सिंह की पसंद की बात की जाए तो उनको देशभक्तिपूर्ण, भारतीय सेना की वीरता और ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित फिल्मों में खासी रुचि है।
जम्मू-कश्मीर के नेता उमर अब्दुल्ला

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुंबई में एक इंटरव्यू के दौरान जम्मू-कश्मीर में दोबारा फिल्मों की शूटिंग शुरू होने की बात की थी। वो अक्सर फिल्मों के प्रति अपनी पसंद की बात करते रहते हैं। एक बार उन्होंने हिंदी फिल्मों को लेकर बताया कि उनकी ऑल-टाइम फेवरेट फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ है, जिसे वे एक कल्ट क्लासिक कॉमेडी मानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया था कि बचपन में उन्होंने धर्मेंद्र की कई क्लासिक फिल्में देखीं, जिनमें ‘शोले’, ‘द बर्निंग ट्रेन’ और ‘शालीमार’ शामिल हैं, और इन फिल्मों का उन पर गहरा असर हुआ था। उमर अब्दुल्ला को खासतौर पर कॉमेडी फिल्में पसंद हैं और वो ओटीटी कंटेंट में भी रुचि रखते हैं। यूट्यूब चैनल अनफिल्टर्ड को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि नेटफ्लिक्स सीरीज ‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’ और फिल्म ‘कटहल’ उनकी पसंदीदा फिल्मों और सीरीज में से एक हैं।
कांग्रेस पार्टी सदस्य राहुल गांधी

पार्लियामेंट मेंबर राहुल गांधी ने एक बार अपनी पसंदीदा फिल्म के बारे में बात करते हुए बताया था कि साल 2001 में आई आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ से उनको प्रेरणा मिलती है। इसके अलावा उन्होंने कई बार इस बारे में बात की है कि उनको कॉमेडी, सस्पेंस जॉनर की फिल्में पसंद हैं। हालांकि, उन्होंने कभी किसी एक फिल्म को लेकर ऐसा नहीं कहा कि ये उनकी पसंदीदा फिल्म है। पिछले साल (2025) में वो पटना के एक थियेटर में ‘फूले’ फिल्म देखने गए थे।
गृहमंत्री अमित शाह

वैसे तो फिल्मों में कई बार अमित शाह से मिलते-जुलते किरदारों को दिखाया गया है। फिल्मों को लेकर अमित शाह की पसंद को लेकर अक्सर चर्चा होती है, लेकिन उन्होंने कभी किसी एक फिल्म को सबसे पसंदीदा नहीं बताया। वैसे उन्होंने कई फिल्मों को देखा है और उनकी सराहना की है। साल 2022 में उन्होंने ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ देखने के बाद उसकी काफी तारीफ की थी और कहा था कि इस फिल्म को देखने के बाद उनको कांतारा कल्चर के बारे में जानकारी मिली थी। इसके अलावा उनको साल 2024 में आई 2002 में हुए गोधरा कांड की असल कहानी पर आधारित विक्रांत मैसी की ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म भी बहुत पसंद आई थी। उन्होंने मीडिया के सामने फिल्म और विक्रांत मैसी की तारीफ भी की थी। वहीं, अमित शाह को अक्षय कुमार की ‘सम्राट पृथ्वीराज’ भी पसंद आई थी।
अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अक्सर आधुनिक, युवाओं से जुड़े और सांस्कृतिक रुचियों वाले नेता के रूप में देखा जाता है। राजनीति के साथ-साथ सिनेमा में उनकी दिलचस्पी भी चर्चा में रही है। वो खुले तौर पर फिल्मों की तारीफ करते नजर आते हैं। फिल्मों में उनकी काफी रुचि भी है। साल 2020 में आई दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘छपाक’ के लिए उन्होंने स्पेशल स्क्रीनिंग रखवाई थी और अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखी थी। वहीं, अखिलेश यादव ने आमिर खान की ‘पीके’ फिल्म देखने के बाद तारीफ करते हुए कहा था कि इस फिल्म में विवाद होने जैसा कुछ भी नहीं है।
देश के दिग्गज राजनीतिज्ञों की फिल्मों में रुचि इस बात को साबित करती है कि सत्ता के गलियारों में रहने वाले लोग भी कला, संस्कृति और भावनाओं से जुड़े होते हैं। सिनेमा उनके लिए न सिर्फ मनोरंजन का एक साधन है, बल्कि सोसाइटी को समझने, जनता से जुड़ने और कभी-कभी खुद को आईने में देखने का जरिया भी है।


