बांका में खुलेंगे ‘फ्रेश कैच कियोस्क’:उपभोक्ताओं को मिलेगी ताजी और जिंदा मछली, 15×15 फीट जमीन की आवश्यकता; रोजगार भी बढ़ेगा

बांका में खुलेंगे ‘फ्रेश कैच कियोस्क’:उपभोक्ताओं को मिलेगी ताजी और जिंदा मछली, 15×15 फीट जमीन की आवश्यकता; रोजगार भी बढ़ेगा

बांका जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ खोलने की योजना को मत्स्य निदेशालय ने मंजूरी दे दी है। जिले में फिलहाल दो कियोस्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मछली प्रेमियों को ताजी और जिंदा मछली खरीदने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इन कियोस्कों के लिए बांका नगर परिषद के साथ-साथ बौंसी, अमरपुर और कटोरिया नगर क्षेत्रों में जमीन की तलाश की जा रही है। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कियोस्क मुख्य बाजारों या अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे ताकि अधिकतम लोगों तक सुविधा पहुंच सके। 15×15 फीट जमीन की आवश्यकता प्रत्येक कियोस्क के लिए लगभग 15×15 फीट जमीन की आवश्यकता होगी। जमीन चिन्हित होने के बाद इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। शहर में पुलिस लाइन, सामुखिया मोड़, हाट-बाजार और पुरानी बस स्टैंड के आसपास की जमीन को प्राथमिकता दी जा सकती है। ये फिश कियोस्क पूरी तरह हाईटेक और प्रीफैब्रिकेटेड मॉडल पर आधारित होंगे, जो सुधा बूथ या एटीएम की तरह दिखेंगे। यहां मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए डीप फ्रीजर, आइस बॉक्स और आधुनिक डिस्प्ले यूनिट लगाए जाएंगे। बदबू से परेशान होते है उपभोक्ता मछली काटने, साफ करने और पैकिंग के लिए भी आधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी। बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था से गंदगी और बदबू की समस्या नहीं होगी। वर्तमान में बांका शहर में पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित मांस-मछली बाजार में स्वच्छता की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। नए कियोस्क खुलने से उपभोक्ताओं को स्वच्छ और ताजी मछली मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। जिले में प्रति वर्ष औसतन 17 हजार टन मछली का उत्पादन होता है और बड़ी संख्या में युवा मत्स्य पालन से जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलने से किसानों और मत्स्य पालकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। जमीन चिन्हित कर भेजी जाएगी रिपोर्ट जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जल्द ही जमीन चिन्हित कर विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कियोस्क की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। बांका जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ खोलने की योजना को मत्स्य निदेशालय ने मंजूरी दे दी है। जिले में फिलहाल दो कियोस्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मछली प्रेमियों को ताजी और जिंदा मछली खरीदने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इन कियोस्कों के लिए बांका नगर परिषद के साथ-साथ बौंसी, अमरपुर और कटोरिया नगर क्षेत्रों में जमीन की तलाश की जा रही है। मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कियोस्क मुख्य बाजारों या अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे ताकि अधिकतम लोगों तक सुविधा पहुंच सके। 15×15 फीट जमीन की आवश्यकता प्रत्येक कियोस्क के लिए लगभग 15×15 फीट जमीन की आवश्यकता होगी। जमीन चिन्हित होने के बाद इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। शहर में पुलिस लाइन, सामुखिया मोड़, हाट-बाजार और पुरानी बस स्टैंड के आसपास की जमीन को प्राथमिकता दी जा सकती है। ये फिश कियोस्क पूरी तरह हाईटेक और प्रीफैब्रिकेटेड मॉडल पर आधारित होंगे, जो सुधा बूथ या एटीएम की तरह दिखेंगे। यहां मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए डीप फ्रीजर, आइस बॉक्स और आधुनिक डिस्प्ले यूनिट लगाए जाएंगे। बदबू से परेशान होते है उपभोक्ता मछली काटने, साफ करने और पैकिंग के लिए भी आधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी। बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था से गंदगी और बदबू की समस्या नहीं होगी। वर्तमान में बांका शहर में पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित मांस-मछली बाजार में स्वच्छता की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। नए कियोस्क खुलने से उपभोक्ताओं को स्वच्छ और ताजी मछली मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। जिले में प्रति वर्ष औसतन 17 हजार टन मछली का उत्पादन होता है और बड़ी संख्या में युवा मत्स्य पालन से जुड़े हैं। स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलने से किसानों और मत्स्य पालकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। जमीन चिन्हित कर भेजी जाएगी रिपोर्ट जिला मत्स्य पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि जल्द ही जमीन चिन्हित कर विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कियोस्क की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।  

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