Frequent Urination Causes: बार-बार पेशाब आना कई लोगों के लिए एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन अगर यह रोज होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर पुरुषों में यह सवाल उठता है कि कहीं यह टाइप 2 डायबिटीज का संकेत तो नहीं या फिर बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (प्रोस्टेट बढ़ना) की समस्या है।
बार-बार पेशाब आना क्या होता है?
आम तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में 6 से 8 बार पेशाब करता है। लेकिन अगर आपको इससे ज्यादा बार जाने की जरूरत महसूस हो रही है, खासकर बिना ज्यादा पानी पिए, तो इसे फ्रीक्वेंट यूरिनेशन कहा जाता है। अगर रात में बार-बार उठकर पेशाब करना पड़े (नोक्तुरिया), तो यह और भी ध्यान देने वाली बात है।
क्या यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है?
रिसर्च के अनुसार, जैसे कि American Diabetes Association के दिशा-निर्देश बताते हैं कि बार-बार पेशाब आना डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों में से एक है। जब शरीर में शुगर बढ़ जाती है, तो किडनी उसे बाहर निकालने के लिए ज्यादा काम करती है, जिससे पेशाब ज्यादा बनता है। इसके साथ कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं। जैसे बार-बार प्यास लगना, अचानक वजन कम होना, थकान या कमजोरी हो सकते हैं। अगर ये लक्षण साथ में दिखें, तो तुरंत शुगर टेस्ट कराना जरूरी है।
या फिर प्रोस्टेट की समस्या?
पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ी हो सकती है। इसे बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया कहा जाता है। National Institute on Aging के अनुसार, 50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में यह समस्या आम है। इसके लक्षण अलग होते हैं:
- पेशाब शुरू करने में दिक्कत
- पतली या कमजोर धार
- बार-बार पेशाब की इच्छा
ऐसा लगना कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ
दोनों में फर्क कैसे समझें?
डायबिटीज में आमतौर पर प्यास और भूख ज्यादा लगती है, जबकि प्रोस्टेट में पेशाब का फ्लो कमजोर होता है। हालांकि, ये सिर्फ संकेत हैं, पक्का पता सिर्फ जांच से ही चलता है। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। हर बार यह समस्या डायबिटीज या प्रोस्टेट की वजह से ही हो, जरूरी नहीं। कभी-कभी इसके पीछे ये कारण भी हो सकते हैं:
- यूरिन इंफेक्शन
- ज्यादा चाय-कॉफी या शराब
- कुछ दवाइयों का असर
- तनाव और चिंता
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर यह समस्या कई दिनों तक बनी रहे या इसके साथ दर्द, जलन, खून आना या नींद खराब होना जैसी दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। डॉक्टर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट या प्रोस्टेट जांच कराकर सही कारण पता लगा सकते हैं।


