पंजाब में फरीदकोट के नेहरू स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह का स्वतंत्रता सेनानियों और उनके पारिवारिक सदस्यों ने अपनी मांगों की अनदेखी किए जाने के विरोध में बहिष्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता सेनानी और उनके परिवार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस से पहले अपनी मांगें पूरी करने की अपील भी की थी। जब जिलेभर से स्वतंत्रता सेनानी और उनके पारिवारिक सदस्य नेहरू स्टेडियम पहुंचे, तो प्रशासन की ओर से मुख्य अतिथि के पहुंचने से पहले ही उनका सम्मान करने का प्रयास किया गया। इसी बात से नाराज होकर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने सम्मान लेने से इनकार कर दिया और स्टेडियम से बाहर निकलकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान एसपी जोगेश्वर सिंह गोरिया के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। धरना प्रदर्शन के बाद भी नहीं हो रही कोई सुनवाई-बलदेव सिंह इस मौके पर बातचीत करते हुए स्वतंत्रता सेनानी परिवार समिति के प्रधान बलदेव सिंह ने आरोप लगाया कि वे अपनी मांगों को लेकर सुनाम में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के आवास के बाहर लगातार नौ दिन तक धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मांगों को लेकर जारी रहेगा संघर्ष : बलदेव सिंह उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि यदि कैबिनेट मंत्री उनकी मांगों पर बातचीत के लिए उनसे मुलाकात करेंगे, तभी वे सम्मान स्वीकार करेंगे। इसके बावजूद प्रशासन ने मुख्य अतिथि के आने से पहले ही सम्मान करने का प्रयास किया, जिस कारण उन्होंने समारोह का बहिष्कार किया। बलदेव सिंह ने स्पष्ट किया कि जायज मांगों को लेकर स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इससे पूर्व राज्य के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराने की रस्म अदा की और परेड का निरीक्षण करते हुए मार्च पास्ट की सलामी ली। यहां देखें फोटो…


