नीमच जिले में सड़क दुर्घटनाओं के घायलों के लिए अब प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा। यह सुविधा जिले के 43 अनुबंधित सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराई गई है। शनिवार रात 7 बजे कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर दिया कि हादसे के शुरुआती एक घंटे (गोल्डन ऑवर) में जान बचाना सबसे जरूरी है। इसलिए किसी भी कागजी कार्रवाई या पुलिस रिपोर्ट का इंतजार किए बिना अस्पताल को घायल का इलाज तुरंत शुरू करना होगा। तकनीकी प्रक्रिया और पोर्टल का उपयोग योजना को सरल बनाने के लिए मास्टर ट्रेनर पुष्पेंद्र सिंह ने ई-डीएआर पोर्टल और विक्टिम आईडी तैयार करने की जानकारी दी। इससे अस्पताल में भर्ती होते ही घायल की पहचान हो सकेगी और क्लेम की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी। इस व्यवस्था से इलाज के खर्च के लिए परिजनों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। नोडल अधिकारियों की नियुक्ति बैठक में एएसपी नवलसिंह सिसोदिया और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने दोनों विभागों में अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है ताकि पोर्टल चलाने या इलाज के दौरान कोई तकनीकी दिक्कत न आए। जिले के सभी थाना प्रभारियों और निजी अस्पतालों को भी इस व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने के निर्देश दिए गए हैं।


