इंदौर में निजी कार कंपनी में डाटा एंट्री का काम करने वाले एक कर्मचारी के बैंक खाते से ठगों ने करीब 5 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने खुद को बैंक कर्मी बताकर ई-केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर कॉल किया था। कॉल के बाद आरोपी ने पीड़ित का मोबाइल नंबर बदलवाकर उसके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकाल ली। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पहले साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शनिवार को शिकायत थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ई-केवाईसी के नाम पर भेजी थी लिंक द्वारकापुरी पुलिस ने स्कीम नंबर-71 निवासी विकास पुत्र कैलाश शुक्ला की शिकायत पर दो मोबाइल नंबरों से कॉल करने वाले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित विकास एक निजी कार कंपनी में डाटा ऑपरेटर के रूप में काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि 13 फरवरी की शाम उसे एक व्यक्ति ने राहुल शर्मा नाम बताकर कॉल किया और खुद को बैंक ऑफ इंडिया से जुड़ा कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले ने कहा कि उसके खाते की ई-केवाईसी अपडेट नहीं है। जांच में जुटी पुलिस इसके बाद आरोपी ने एक सॉफ्टवेयर का लिंक मोबाइल पर भेजा, जिसे डाउनलोड करते ही पीड़ित के बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल गया। इसके कुछ ही देर बाद खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 5 लाख रुपए अन्य खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए। पीड़ित के मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज भी आते रहे। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पहले साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शनिवार को उसे द्वारकापुरी थाने बुलाया गया, जहां पुलिस ने दोनों मोबाइल नंबरों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल कहां से और किस नेटवर्क के जरिए की गई थी।


