इन दिनों सोशल मीडिया पर एडवरटाइजमेंट निकालकर आम लोगों से ठगी हो रही है। खासकर पढ़े लिखे नौकरीपेशा वाले लोग इसके शिकार बन रहे हैं। पिछले जनवरी महीने से अब तक 2 महीने के भीतर 19 मामले सामने आए हैं। इसमें 5,75,81,608 (5.75 करोड़) रुपये की ठगी हुई है। इसमें लोगों से क्रिप्टो करेंसी, Mutual Fund, गेमिंग एप, शेयर मार्केट, ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की गई है। इसमें से अधिकतर निवेश करने वाले नौकरी पेशे से जुड़े हैं। क्या कहती है साइबर पुलिस साइबर SHO नीतिश चंद्र धारिया(DYSP) ने बताया कि, ‘इन दिनों कम समय में ज्यादा मुनाफा देने के नाम पर इन्वेस्टमेंट के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए एडवर्टाइजमेंट निकाले जा रहे हैं। इनके टेलीग्राम, WhatsApp ग्रुप वगैरह भी है, जिसमें जो लोग एडवर्टाइजमेंट के जरिए संपर्क करते हैं, उन्हें जोड़ा जाता है। छोटे-छोटे अमाउंट में इन्वेस्टमेंट के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। भरोसा जीतने के लिए कभी कभार साइबर अपराधी रुपए वापस भी करते हैं। जैसे लोगों का विश्वास जमने लगता है, निवेश के नाम पर बड़े अमाउंट्स अलग-अलग एकाउंट्स में मंगा लेते हैं। जब तक लोगों को समझ में आता है तब तक वह काफी आगे निकल चुके होते हैं।’ क्या सावधानी बरतनी चाहिए इन दिनों सोशल मीडिया पर एडवरटाइजमेंट निकालकर आम लोगों से ठगी हो रही है। खासकर पढ़े लिखे नौकरीपेशा वाले लोग इसके शिकार बन रहे हैं। पिछले जनवरी महीने से अब तक 2 महीने के भीतर 19 मामले सामने आए हैं। इसमें 5,75,81,608 (5.75 करोड़) रुपये की ठगी हुई है। इसमें लोगों से क्रिप्टो करेंसी, Mutual Fund, गेमिंग एप, शेयर मार्केट, ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की गई है। इसमें से अधिकतर निवेश करने वाले नौकरी पेशे से जुड़े हैं। क्या कहती है साइबर पुलिस साइबर SHO नीतिश चंद्र धारिया(DYSP) ने बताया कि, ‘इन दिनों कम समय में ज्यादा मुनाफा देने के नाम पर इन्वेस्टमेंट के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए एडवर्टाइजमेंट निकाले जा रहे हैं। इनके टेलीग्राम, WhatsApp ग्रुप वगैरह भी है, जिसमें जो लोग एडवर्टाइजमेंट के जरिए संपर्क करते हैं, उन्हें जोड़ा जाता है। छोटे-छोटे अमाउंट में इन्वेस्टमेंट के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। भरोसा जीतने के लिए कभी कभार साइबर अपराधी रुपए वापस भी करते हैं। जैसे लोगों का विश्वास जमने लगता है, निवेश के नाम पर बड़े अमाउंट्स अलग-अलग एकाउंट्स में मंगा लेते हैं। जब तक लोगों को समझ में आता है तब तक वह काफी आगे निकल चुके होते हैं।’ क्या सावधानी बरतनी चाहिए


