मृतक किसान के बेटों से 3 लाख की धोखाधड़ी:बोलासा संस्था के प्रबंधक और कर्मचारी पर गबन का आरोप

मृतक किसान के बेटों से 3 लाख की धोखाधड़ी:बोलासा संस्था के प्रबंधक और कर्मचारी पर गबन का आरोप

झाबुआ जिला सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाली आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बोलासा में धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम तारखेडी निवासी अमृतलाल और पन्नालाल, पिता बाबू लोधा ने संस्था के प्रबंधक और एक कर्मचारी पर उनके दिवंगत पिता के ऋण खाते से 3 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में सीसीबी महाप्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के अनुसार, प्रार्थियों के पिता बाबू पिता वरदा लोधा का निधन लगभग पांच वर्ष पूर्व हो चुका है। उन्होंने अपने जीवनकाल में संस्था से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण लिया था। पिता की मृत्यु के बाद जब दोनों बेटों ने ऋण चुकाने के लिए संस्था से संपर्क किया, तो प्रबंधक रतनलाल सिर्वी ने दो लाख रुपये जमा करने पर खाता बंद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद, 20 दिसंबर 2024 को दोनों भाइयों ने संस्था में 2 लाख रुपये जमा किए, जिसकी उन्हें रसीद भी दी गई। उस समय प्रबंधक रतनलाल सिर्वी और कर्मचारी नंदकिशोर दया वहां मौजूद थे। लगभग 14 महीने बाद, जब किसान खाते की जानकारी लेने पहुंचे, तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। बाद में उन्हें बताया गया कि यदि वे एक लाख रुपये और जमा करते हैं, तो खाता पूरी तरह बंद हो जाएगा और उन्हें नया ऋण मिल सकेगा। इस झांसे में आकर पीड़ितों ने 5 जनवरी 2026 को पुनः 1 लाख रुपये जमा किए। हालांकि, इस बार प्रबंधक और कर्मचारी ने रसीद देने में टालमटोल की और उनसे 60 हजार रुपये और बकाया होने की बात कही। संदेह होने पर दोनों भाई झकनावदा शाखा पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उनके द्वारा जमा की गई 2 लाख रुपये की रसीद की कोई प्रविष्टि बैंक रिकॉर्ड में नहीं है। झकनावदा ब्रांच मैनेजर पारसिंह मुनिया ने पुष्टि की है कि किसानों के पास मौजूद रसीद की एंट्री कैशबुक में नहीं मिली है, जिससे मामला प्रथमदृष्टया संदिग्ध प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *