बालाघाट पुलिस ने जिले में सक्रिय फर्जी सिम कार्ड के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी आदित्य मिश्रा ने बुधवार को बताया कि आरोपियों ने केवल 5 अद्वितीय चेहरों का उपयोग कर विभिन्न कंपनियों के 450 सिम कार्ड अवैध रूप से जारी किए थे। इस गिरोह के तार भोपाल, मंडला, डिंडौरी और उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए हैं। एआई-आधारित ‘ऑपरेशन फेस’ से हुआ पर्दाफाश पुलिस मुख्यालय के ‘ऑपरेशन फेस’ अभियान के तहत एआई फेस एनालिसिस टूल की मदद से इस फर्जीवाड़े का पता चला। जांच में सामने आया कि अलग-अलग नाम और पतों पर जारी 450 सिम कार्ड्स में केवल 5 लोगों के फोटो का बार-बार इस्तेमाल किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। मोबाइल दुकान संचालक पति-पत्नी सहित तीन गिरफ्तार पुलिस ने बैहर निवासी महेंद्र उर्फ संतोष पटले, उनकी पत्नी प्रियंका पटले और परसवाड़ा के खुमेश गौतम को गिरफ्तार किया है। आरोपी 2019 से 2022 के बीच सिम एक्टिवेशन और पोर्टिंग के काम के दौरान ग्राहकों के दस्तावेजों का उनकी जानकारी के बिना उपयोग करते थे। केवाईसी प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कर अपनी लाइव फोटो अपलोड कर सिम सक्रिय कर देते थे और बाद में इन्हें ऊंचे दामों पर भोपाल और यूपी में बेच देते थे। 19 लोगों पर केस, जांच के लिए टीम भोपाल रवाना एसपी मिश्रा ने बताया कि इस मामले में कुल तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर 19 लोगों को नामजद किया गया है। भोपाल से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस की एक टीम जांच के लिए राजधानी रवाना हो गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने पहचान पत्र अनजान व्यक्तियों को न दें और यदि फोटोकॉपी देना अनिवार्य हो, तो उस पर उद्देश्य लिखकर उसे ‘क्रॉस’ जरूर करें।


