गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल के तीन छात्र और किड्स प्ले स्कूल का एक छात्र मंगलवार को लापता हो गए। सभी छात्र लालदेव यादव द्वारा संचालित एक किराए के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। मंगलवार सुबह छात्र हॉस्टल से स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन स्कूल नहीं पहुंचे। शाम तक छात्रों के वापस नहीं लौटने पर स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद तत्काल पोड़ैयाहाट थाना को मामले की सूचना दी गई। बच्चों के अचानक लापता होने की खबर से अभिभावक और स्थानीय लोग भी चिंतित हो गए। चारों छात्र जमुई रेलवे स्टेशन से मिले सुरक्षित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पौडैयाहाट के प्रभारी प्रधानाचार्य नारायण प्रसाद यादव ने बताया कि लापता छात्रों में आलोक कुमार (कक्षा पांच), विवेक कुमार (कक्षा तीन) और आयुष कुमार (कक्षा दो) शामिल हैं, जबकि चौथा छात्र अनूप कुमार किड्स प्ले स्कूल में पढ़ता है। सभी छात्र रामगढ़ थाना क्षेत्र के छोटी रणबहियार गांव के निवासी हैं। पुलिस जांच के दौरान सूचना मिली कि चारों छात्र जमुई रेलवे स्टेशन पर देखे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों को वहां से सुरक्षित बरामद कर लिया। सभी छात्र पूरी तरह सुरक्षित पाए गए, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने राहत की सांस ली। पुलिस और शिक्षकों ने मिलकर की तलाश थाना प्रभारी महावीर पंडित ने बताया कि शाम को छात्रों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। छात्रों की तलाश के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक और पुलिस टीम लगातार जुटी रही। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई और संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान जमुई रेलवे स्टेशन की सूचना मिलने पर टीम ने तुरंत वहां संपर्क कर बच्चों की पहचान कराई। थाना प्रभारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है कि बच्चे स्टेशन तक कैसे पहुंचे और उनके जाने की वजह क्या रही। हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य गजाधर सिंह ने बताया कि हॉस्टल और स्कूल की दूरी महज 500 से 600 मीटर है। इसके बावजूद बच्चों का इस तरह से गायब हो जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों की निगरानी में चूक नहीं होनी चाहिए थी। पुलिस ने संकेत दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल के तीन छात्र और किड्स प्ले स्कूल का एक छात्र मंगलवार को लापता हो गए। सभी छात्र लालदेव यादव द्वारा संचालित एक किराए के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। मंगलवार सुबह छात्र हॉस्टल से स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन स्कूल नहीं पहुंचे। शाम तक छात्रों के वापस नहीं लौटने पर स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद तत्काल पोड़ैयाहाट थाना को मामले की सूचना दी गई। बच्चों के अचानक लापता होने की खबर से अभिभावक और स्थानीय लोग भी चिंतित हो गए। चारों छात्र जमुई रेलवे स्टेशन से मिले सुरक्षित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पौडैयाहाट के प्रभारी प्रधानाचार्य नारायण प्रसाद यादव ने बताया कि लापता छात्रों में आलोक कुमार (कक्षा पांच), विवेक कुमार (कक्षा तीन) और आयुष कुमार (कक्षा दो) शामिल हैं, जबकि चौथा छात्र अनूप कुमार किड्स प्ले स्कूल में पढ़ता है। सभी छात्र रामगढ़ थाना क्षेत्र के छोटी रणबहियार गांव के निवासी हैं। पुलिस जांच के दौरान सूचना मिली कि चारों छात्र जमुई रेलवे स्टेशन पर देखे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों को वहां से सुरक्षित बरामद कर लिया। सभी छात्र पूरी तरह सुरक्षित पाए गए, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने राहत की सांस ली। पुलिस और शिक्षकों ने मिलकर की तलाश थाना प्रभारी महावीर पंडित ने बताया कि शाम को छात्रों के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। छात्रों की तलाश के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक और पुलिस टीम लगातार जुटी रही। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई और संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान जमुई रेलवे स्टेशन की सूचना मिलने पर टीम ने तुरंत वहां संपर्क कर बच्चों की पहचान कराई। थाना प्रभारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है कि बच्चे स्टेशन तक कैसे पहुंचे और उनके जाने की वजह क्या रही। हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य गजाधर सिंह ने बताया कि हॉस्टल और स्कूल की दूरी महज 500 से 600 मीटर है। इसके बावजूद बच्चों का इस तरह से गायब हो जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों की निगरानी में चूक नहीं होनी चाहिए थी। पुलिस ने संकेत दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।


