चार दिवसीय चैती छठ नहाय खाय के साथ शुरू

चार दिवसीय चैती छठ नहाय खाय के साथ शुरू

लोहरदगा|जिलेभर में चैती छठ महापर्व रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुई। छठ व्रतियों ने अपने आस-पास के जल स्रोतों में स्नान किया और पूरी शुद्धता और परंपरा के अनुसार नहाय खाय का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करते हुए उसे खुद भी ग्रहण किया। अगले दिन 23 मार्च को शाम में खीर भोजन की परंपरा होगी। फिर अगले दो दिन 24 मार्च व 25 मार्च को शाम और सुबह के समय में भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी और उद्यमान स्वरूप को अर्घ्य दिया जाएगा। जिले के विभिन्न घाटों पर लोगों की भीड़ छठ पूजा को लेकर उमड़ती है। हालांकि कार्तिक छठ की तुलना में चैती छठ में वर्तियों की संख्या आधी होती है। इधर कुडू प्रखंड में भी चैती छठ पूजा नहाय खाय के साथ प्रारम्भ हुआ। छठ व्रतियों ने कद्दू भात का सेवन किया। छठ के गानों से लोहरदगा का वातावरण भक्तिमय हो गया है। प्रखंड के विभिन्न गांवों में चैती छठ मनाई जा रही है। छठ घाट की विभिन्न आयोजन समिति के द्वारा साफ सफाई की जा रही है। लोहरदगा|जिलेभर में चैती छठ महापर्व रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुई। छठ व्रतियों ने अपने आस-पास के जल स्रोतों में स्नान किया और पूरी शुद्धता और परंपरा के अनुसार नहाय खाय का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित करते हुए उसे खुद भी ग्रहण किया। अगले दिन 23 मार्च को शाम में खीर भोजन की परंपरा होगी। फिर अगले दो दिन 24 मार्च व 25 मार्च को शाम और सुबह के समय में भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी और उद्यमान स्वरूप को अर्घ्य दिया जाएगा। जिले के विभिन्न घाटों पर लोगों की भीड़ छठ पूजा को लेकर उमड़ती है। हालांकि कार्तिक छठ की तुलना में चैती छठ में वर्तियों की संख्या आधी होती है। इधर कुडू प्रखंड में भी चैती छठ पूजा नहाय खाय के साथ प्रारम्भ हुआ। छठ व्रतियों ने कद्दू भात का सेवन किया। छठ के गानों से लोहरदगा का वातावरण भक्तिमय हो गया है। प्रखंड के विभिन्न गांवों में चैती छठ मनाई जा रही है। छठ घाट की विभिन्न आयोजन समिति के द्वारा साफ सफाई की जा रही है।  

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