बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के रचियाही गांव में 26 मार्च की रात स्व. गणेश महतो के बेटे मिंटू कुमार की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को कटिहार से गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। बदमाशों ने जहां हथियार छुपाए थे, उसको भी गिरफ्तार कर लिया है। आज सिंघौल थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने जानकारी दी। इन्होंने बताया कि 26 मार्च की देर शाम रचियाही पूर्वी टोला में मिंटू कुमार की गोली मारकर हत्या करने के बाद लाश को खेत में छुपा दिया गया था। सूचना मिलते ही हम लोग मौके पर पहुंचे और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले का जांच शुरू की गई। बता दें कि हत्या का केस वापस नहीं लेने पर बदमाशों ने मिंटू का मर्डर किया था। एसपी मनीष के निर्देशन में इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया था और पुलिस की अलग-अलग टीम लगातार जांच कर रही थी। इसी दौरान एसटीएफ को इनपुट मिला कि हत्या करने के बाद सभी आरोपी कटिहार भाग गए हैं और वहां ग्रामीण इलाके में छुपे हुए हैं। इसके बाद स्पेशल टीम कटिहार पहुंची। एक आरोपी छोटू ने किया सरेंडर टीम में शामिल DIU, सिंघौल थाना और चीता बल ने कटिहार नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रमोद राय, उसके बेटे मनीष कुमार, पत्नी कंचन देवी और बेटी गुड़िया कुमारी को गिरफ्तार किया। उसे गिरफ्तार कर बेगूसराय लाई जाने की सूचना मिलते ही हत्या के एक आरोपी छोटू कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में हत्या के कारणों का खुलासा करने के साथ ही एक घर में हथियार छुपाने की जानकारी दी। जिसके आधार पर कैलाशपुर निवासी मुन्ना पासवान उर्फ राकेश कुमार के घर पर छापेमारी कर पिस्टल और दो गोली बरामद करते हुए उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बदला लेने के लिए की थी हत्या डीएसपी ने बताया कि 3 साल पहले मिंटू कुमार के बड़े भाई सिंटू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें प्रमोद राय का बेटा मिस्टर कुमार नामजद आरोपी था और वह केस में समझौता करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। लेकिन मिंटू और उसके परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी को लेकर 26 मार्च की देर शाम विवाद के बाद मिंटू कुमार की हत्या की गई है। डीएसपी ने बताया कि मारा गया मिंटू कुमार भी अपराधी था। उस पर लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 5-6 मामले दर्ज थे और अपराध जगत में उसका भी अपना दबदबा था। प्रेस वार्ता में सिंघौल थाना की पूरी टीम उपस्थित थी। बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के रचियाही गांव में 26 मार्च की रात स्व. गणेश महतो के बेटे मिंटू कुमार की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को कटिहार से गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। बदमाशों ने जहां हथियार छुपाए थे, उसको भी गिरफ्तार कर लिया है। आज सिंघौल थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने जानकारी दी। इन्होंने बताया कि 26 मार्च की देर शाम रचियाही पूर्वी टोला में मिंटू कुमार की गोली मारकर हत्या करने के बाद लाश को खेत में छुपा दिया गया था। सूचना मिलते ही हम लोग मौके पर पहुंचे और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले का जांच शुरू की गई। बता दें कि हत्या का केस वापस नहीं लेने पर बदमाशों ने मिंटू का मर्डर किया था। एसपी मनीष के निर्देशन में इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया था और पुलिस की अलग-अलग टीम लगातार जांच कर रही थी। इसी दौरान एसटीएफ को इनपुट मिला कि हत्या करने के बाद सभी आरोपी कटिहार भाग गए हैं और वहां ग्रामीण इलाके में छुपे हुए हैं। इसके बाद स्पेशल टीम कटिहार पहुंची। एक आरोपी छोटू ने किया सरेंडर टीम में शामिल DIU, सिंघौल थाना और चीता बल ने कटिहार नगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रमोद राय, उसके बेटे मनीष कुमार, पत्नी कंचन देवी और बेटी गुड़िया कुमारी को गिरफ्तार किया। उसे गिरफ्तार कर बेगूसराय लाई जाने की सूचना मिलते ही हत्या के एक आरोपी छोटू कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में हत्या के कारणों का खुलासा करने के साथ ही एक घर में हथियार छुपाने की जानकारी दी। जिसके आधार पर कैलाशपुर निवासी मुन्ना पासवान उर्फ राकेश कुमार के घर पर छापेमारी कर पिस्टल और दो गोली बरामद करते हुए उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बदला लेने के लिए की थी हत्या डीएसपी ने बताया कि 3 साल पहले मिंटू कुमार के बड़े भाई सिंटू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें प्रमोद राय का बेटा मिस्टर कुमार नामजद आरोपी था और वह केस में समझौता करने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। लेकिन मिंटू और उसके परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी को लेकर 26 मार्च की देर शाम विवाद के बाद मिंटू कुमार की हत्या की गई है। डीएसपी ने बताया कि मारा गया मिंटू कुमार भी अपराधी था। उस पर लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 5-6 मामले दर्ज थे और अपराध जगत में उसका भी अपना दबदबा था। प्रेस वार्ता में सिंघौल थाना की पूरी टीम उपस्थित थी।


