बिहार की प्राचीन सभ्यता से रू-ब-रू हुए मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति

मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने बिहार दौरे के दौरान रविवार को अपनी प|ी और अन्य साथियों के साथ बिहार म्यूजियम पहुंचे। वहां बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने उनका स्वागत किया। संग्रहालय के अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति को ओरिएंटेशन गैलरी, नालंदा और कुर्किहार से मिले पुरातात्विक अवशेष, गुप्त काल के अवशेष और सल्तनत काल के सिक्कों के बारे में भी बताया। अधिकारियों ने मिथिलांचल की प्रसिद्ध लोककला सिक्की क्राफ्ट की जानकारी भी दी। पूर्व राष्ट्रपति ने संग्रहालय की सभी दीर्घाओं का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बिहार म्यूजियम आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। यहां उन्हें भारत व बिहार के इतिहास और प्राचीन संस्कृति के बारे में नई बातें जानने का अवसर मिला। यह इतिहास का सजीव रूप प्रस्तुत करता है। उन्होंने संग्रहालय प्रबंधन के स्वागत और मार्गदर्शन की सराहना की। संग्रहालय स्टोर से बाबन बूटी हस्तकला की दो साड़ियां और अन्य लोककला की वस्तुएं खरीदीं। इसमें प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। बिहार म्यूजियम में पिछले दो दिनों में करीब 13 हजार लोगों ने भ्रमण किया। पहले दिन 8,119 लोग पहुंचे, जबकि दूसरे दिन लगभग 4,800 लोगों ने संग्रहालय देखा। इस तरह कुल संख्या 13 हजार के करीब पहुंच गई। 28 फरवरी को 125 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया। वहीं 1 मार्च को 50 से अधिक स्कूल समूह संग्रहालय घूमे। कई जिलों से बच्चे और अन्य पर्यटक भी पहुंचे। मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने बिहार दौरे के दौरान रविवार को अपनी प|ी और अन्य साथियों के साथ बिहार म्यूजियम पहुंचे। वहां बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने उनका स्वागत किया। संग्रहालय के अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति को ओरिएंटेशन गैलरी, नालंदा और कुर्किहार से मिले पुरातात्विक अवशेष, गुप्त काल के अवशेष और सल्तनत काल के सिक्कों के बारे में भी बताया। अधिकारियों ने मिथिलांचल की प्रसिद्ध लोककला सिक्की क्राफ्ट की जानकारी भी दी। पूर्व राष्ट्रपति ने संग्रहालय की सभी दीर्घाओं का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि बिहार म्यूजियम आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। यहां उन्हें भारत व बिहार के इतिहास और प्राचीन संस्कृति के बारे में नई बातें जानने का अवसर मिला। यह इतिहास का सजीव रूप प्रस्तुत करता है। उन्होंने संग्रहालय प्रबंधन के स्वागत और मार्गदर्शन की सराहना की। संग्रहालय स्टोर से बाबन बूटी हस्तकला की दो साड़ियां और अन्य लोककला की वस्तुएं खरीदीं। इसमें प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। बिहार म्यूजियम में पिछले दो दिनों में करीब 13 हजार लोगों ने भ्रमण किया। पहले दिन 8,119 लोग पहुंचे, जबकि दूसरे दिन लगभग 4,800 लोगों ने संग्रहालय देखा। इस तरह कुल संख्या 13 हजार के करीब पहुंच गई। 28 फरवरी को 125 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया। वहीं 1 मार्च को 50 से अधिक स्कूल समूह संग्रहालय घूमे। कई जिलों से बच्चे और अन्य पर्यटक भी पहुंचे।  

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