Former MLA Passes Away: मध्यप्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा से पूर्व विधायक गणेश बारी का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया। लंबे समय से बीमार होने के कारण बीते दिनों गणेश बारी को रीवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, यहां इलाज के दौरान उन्होंने शनिवार शाम को 7 बजकर 45 मिनट पर अंतिम सांस ली। गणेश बारी चित्रकूट विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर साल 1993 में विधानसभा का चुनाव जीते थे और साल 1998 तक विधायक रहे। रविवार को गृहग्राम में गणेश बारी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गणेश बारी का राजनीतिक करियर
पूर्व विधायक गणेश बारी का राजनीतिक करियर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। ग्राम पंचायत चितरहा के चौरेही गांव के रहने वाले गणेश बारी भाजपा के पूर्व मंत्री और सांसद रहे रामानंद सिंह के यहां मवेशी चराने का काम करते थे। साल 1993 में चित्रकूट विधानसभा सीट से प्रेम सिंह कांग्रेस की टिकट की दावेदारी कर रहे थे लेकिन पार्टी ने उनकी जगह केपी शर्मा को टिकट दे दिया। टिकट न मिलने से नाराज प्रेम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी रामानंद सिंह से हाथ मिलाया और दोनों ने मिलकर कांग्रेस के हरिजन, आदिवासी वोट काटने के लिए बसपा से गणेश बारी को उम्मीदवार बनवा दिया। यही गणेश बारी की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बना और उम्मीदों के विपरीत उन्होंने भाजपा के रामानंद सिंह और कांग्रेस के केपी शर्मा को चुनाव में हरा दिया और विधायक बन गए। साल 1998 में बसपा ने गणेश बारी का टिकट काटकर रज्जन वाजपेयी को दे दिया जिसके बाद गणेश बारी ने राजनीति से संन्यास ले लिया था।
एंबुलेंस का डेढ़ घंटे इंतजार, आईसीयू में बैठे रहे थे सांसद गणेश सिंह
बता दें कि बीते दिनों पूर्व विधायक गणेश बारी की जिंदगी और मौत की जंग के बीच जिले की एंबुलेंस व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आ गई। किडनी फेल होने और हार्ट अटैक के बाद जब उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर किया गया था, तब सबसे जरूरी वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट वाली एंबुलेंस ही समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। हालत गंभीर होने के बावजूद पूर्व विधायक को आईसीयू में ही करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा था। इसी दौरान सतना सांसद गणेश सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और सीधे आईसीयू में जाकर डॉक्टरों से पूर्व विधायक की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी। तब सांसद गणेश सिंह ने एंबुलें न मिलने के कारण नाराजगी जताई थी।


