पूर्व सांसद भूदेव चौधरी ने ढोलक पर फगुआ गाया:बांका में ग्रामीणों संग पारंपरिक अंदाज में मनाई होली, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

पूर्व सांसद भूदेव चौधरी ने ढोलक पर फगुआ गाया:बांका में ग्रामीणों संग पारंपरिक अंदाज में मनाई होली, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

बांका जिले में इस वर्ष भी होली का त्योहार पारंपरिक उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों में रंग, अबीर-गुलाल और फगुआ गीतों की गूंज सुनाई दी। इस दौरान पूर्व सांसद और धोरैया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भूदेव चौधरी ने अपने अनूठे अंदाज में होली समारोह को खास बना दिया। बुधवार शाम पूर्व सांसद अचानक रजौन प्रखंड की चिलकावर असौता पंचायत के मंझौनी गांव पहुंचे। वहां ग्रामीणों को पारंपरिक फगुआ गीत गाते देख वे खुद को रोक नहीं पाए और टोली में शामिल हो गए। उन्होंने ढोलक उठाकर ‘ठीक से ढोलक बजा रे ढोलकिया’ और ‘अबकी फागुन में’ जैसे गीत गाकर माहौल को रंगीन बना दिया। फगुआ की मस्ती में झूम उठा गांव जैसे ही उन्होंने ढोलक की थाप पकड़ी, आसपास के युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में जुट गए। पूरा गांव फगुआ की मस्ती में झूम उठा। पूर्व सांसद ने ग्रामीणों के साथ अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। ‘होली खेले रघुवीरा अवध में’ जैसे पारंपरिक गीतों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आज के दौर में जहां डीजे और इलेक्ट्रॉनिक संगीत का चलन बढ़ गया है, वहीं भूदेव चौधरी ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और फगुआ गीतों के जरिए लोगों को पुरानी यादें ताजा करा दीं। उन्होंने कहा कि फगुआ गीत हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं और इन्हें जीवंत रखना हम सभी, खासकर युवाओं का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 26 वर्षों से वे हर त्योहार जनता के बीच रहकर मनाते आ रहे हैं। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। ढोलक बजाते हुए उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बांका जिले में इस वर्ष भी होली का त्योहार पारंपरिक उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों में रंग, अबीर-गुलाल और फगुआ गीतों की गूंज सुनाई दी। इस दौरान पूर्व सांसद और धोरैया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भूदेव चौधरी ने अपने अनूठे अंदाज में होली समारोह को खास बना दिया। बुधवार शाम पूर्व सांसद अचानक रजौन प्रखंड की चिलकावर असौता पंचायत के मंझौनी गांव पहुंचे। वहां ग्रामीणों को पारंपरिक फगुआ गीत गाते देख वे खुद को रोक नहीं पाए और टोली में शामिल हो गए। उन्होंने ढोलक उठाकर ‘ठीक से ढोलक बजा रे ढोलकिया’ और ‘अबकी फागुन में’ जैसे गीत गाकर माहौल को रंगीन बना दिया। फगुआ की मस्ती में झूम उठा गांव जैसे ही उन्होंने ढोलक की थाप पकड़ी, आसपास के युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में जुट गए। पूरा गांव फगुआ की मस्ती में झूम उठा। पूर्व सांसद ने ग्रामीणों के साथ अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। ‘होली खेले रघुवीरा अवध में’ जैसे पारंपरिक गीतों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आज के दौर में जहां डीजे और इलेक्ट्रॉनिक संगीत का चलन बढ़ गया है, वहीं भूदेव चौधरी ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और फगुआ गीतों के जरिए लोगों को पुरानी यादें ताजा करा दीं। उन्होंने कहा कि फगुआ गीत हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं और इन्हें जीवंत रखना हम सभी, खासकर युवाओं का दायित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 26 वर्षों से वे हर त्योहार जनता के बीच रहकर मनाते आ रहे हैं। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। ढोलक बजाते हुए उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *