झांसी जेल में लूट और रंगदारी मांगने के मामले में बंद समाजवादी पार्टी के नेता और गरौठा विधानसभा से विधायक रहे दीपनारायण सिंह यादव को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। देर शाम वह जेल परिसर में ही पहुंचे कार में बैठे और तेजी से अपने घर की तरफ बढ़ गए। इससे पहले एमपी/एमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद जमानतदारों का सत्यापन किया गया। इसके बाद गुरुवार को सबकुछ ठीक रहने के बाद उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया। कोर्ट में सरेंडर किया था रंगदारी और डकैती के मामले में जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव और उनके करीबी अनिल यादव उर्फ मामा की जमानत अर्जी 19 जनवरी को विशेष न्यायाधीश (एमपीएमएलए) जितेंद्र यादव ने मंजूर कर ली थी। इसके बाद उन्हें जमानत देने वाले जमानतदारों का सत्यापन होना बाकी था। गुरुवार को जमानत की यही औपचारिकता पूरी होते ही उन्हें रिहा कर दिया गया। बता दें कि 14 दिन पहले पूर्व विधायक के वकीलों ने अर्जी दाखिल की थी। इससे पहले पूरे मामले में पुलिस ने कोर्ट से लूट के रुपए बरामद करने के लिए पूर्व विधायक की रिमांड मांगी थी। जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए 8 घंटे की रिमांड दी थी। पुलिस ने आठ घंटे की रिमांड पर लिया था पुलिस भारी सुरक्षा के बीच उन्हें मोठ लेकर पहुंची थी। इस दौरान पूर्व विधायक के पैतृक गांव बुढावाली में बने मकान से पुलिस ने लूट के 15 हजार रुपए बरामद कर लिए थे। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस पर गांव के लोगों ने मारपीट करने का आरोप भी लगाया था। एक महीना चार दिन बाद जेल से रिहा हुए दीपनारायण सिंह यादव जेल से कब निकले, ये उनके समर्थकों को भी जानकारी नहीं हुई। हालांकि, अपने नेता की जमानत अर्जी मंजूर होने के बाद समर्थक लगातार उनके जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में किया था सरेंडर लूट और रंगदारी के मामले में वांछित पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचते हुए 18 दिसम्बर को एमपीएमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। वह कोर्ट खुलने से पहले ही सुबह लगभग 9:45 बजे पूर्व विधायक बुलेट बाइक से कोर्ट पहुंच गए थे। वे हेलमेट और मुंह पर मास्क लगाए थे। तब पुलिस का इतना सख्त पहरा नहीं था। यहां पहुंचते ही वकीलों ने उनको घेर लिया और सीधे अपर सत्र न्यायाधीश एवं एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र यादव की कोर्ट में ले गए थे। यहां उनके वकील जाहिद मंसूरी और मनीष यादव ने सरेंडर की अर्जी दाखिल की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। दोपहर लगभग 2 बजे कोर्ट ने पूर्व विधायक दीपनारायण यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।


