पूर्व विधायक बलजीत यादव की ईडी कोर्ट में पेशी:एमएलए फंड घोटाले में गिरफ्तारी के बाद जयपुर लाकर किया गया पेश, 3 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप

बहरोड़ से पूर्व विधायक बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को जयपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया। ईडी अधिकारियों ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करने की तैयारी की है। मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद आज पहली बार उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। कोर्ट परिसर में लाए जाने के दौरान बलजीत यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जसवंत यादव अपने मंदबुद्धि बेटे को विधायक बनाना चाहता है और खुद स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। ईडी ने मंगलवार रात अलवर के शाहजहांपुर टोल प्लाजा, दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित एनएचएआई कार्यालय के पास से बलजीत यादव को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें जयपुर स्थित ईडी कार्यालय लाया गया, जहां लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्व विधायक पर स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की है। ईडी सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2025 में जयपुर, दौसा और बहरोड़ में बलजीत यादव के कुल 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इनमें जयपुर में 8 और दौसा व बहरोड़ में एक-एक ठिकाने शामिल थे। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और आपत्तिजनक सबूत बरामद किए गए थे, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई।
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021-22 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। इनकी खरीद के नाम पर विधायक निधि से करीब 3.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए। आरोप है कि इस राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया और कई मामलों में बिना आपूर्ति या घटिया सामग्री के भुगतान किया गया। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा पहले ही एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की। जांच में फर्जी बिलिंग, ठेकेदारों से मिलीभगत और सरकारी धन के गबन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। दिलचस्प बात यह है कि निर्दलीय विधायक रहते हुए बलजीत यादव खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाला नेता बताते रहे हैं। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर सुबह से शाम तक दौड़ लगाई थी और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके अलावा उन्होंने अपने क्षेत्र में पोस्टर लगवाकर भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की थी। अब वही बलजीत यादव खुद करोड़ों रुपये के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में ईडी की गिरफ्त में हैं। कोर्ट में पेशी के बाद ईडी उनसे रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर सकती है।

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