देवरिया जिला जेल में बंद जबरन रिटायर्ड पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद पहले उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज, फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत को देखते हुए बुधवार/गुरुवार की देर रात उन्हें लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया है। देवरिया जेल में अचानक बिगड़ी हालत जानकारी के मुताबिक मंगलवार 6 जनवरी को कोर्ट पेशी के बाद अमिताभ ठाकुर को शाम तीन बजे जेल वापस लाया गया था। रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने भोजन किया और उसके बाद लिखने-पढ़ने में लगे रहे। रात करीब 12 बजे अचानक सीने में तेज दर्द और बेचैनी शुरू हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने तत्काल उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जांच, हार्ट अटैक नहीं देवरिया से रात करीब दो बजे उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई थी, लेकिन बुधवार को कराई गई ट्रोप-आई जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार यह जांच हार्ट अटैक की पुष्टि के लिए अहम मानी जाती है। ECG रिपोर्ट खराब, लखनऊ रेफर मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमिताभ ठाकुर पिछले नौ दिनों से हार्ट की नियमित दवा नहीं ले रहे थे, जिसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी। ECG रिपोर्ट काफी खराब आई है, इसलिए उन्हें हायर सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। PGI लखनऊ में कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती बुधवार देर रात अमिताभ ठाकुर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से पीजीआई लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें प्राइवेट वार्ड में रखा गया है और चार डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार निगरानी और इलाज कर रही है। हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए सभी रूटीन और विशेष जांच दोबारा कराई जा रही हैं। न्यायिक हिरासत और कानूनी स्थिति इसी बीच अमिताभ ठाकुर की ओर से रिमांड कैंसिल करने के लिए बुधवार को दी गई अर्जी सीजेएम मंजू कुमारी ने खारिज कर दी। अब उन्हें 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। वह 10 दिसंबर से धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद हैं। मंगलवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान बताए जा रहे थे।


