बरेली में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एक सेवानिवृत्त वित्तीय अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा 48 घंटे से अधिक समय से लापता हैं। पुलिस इस मामले को ‘हाई-रिस्क मिसिंग’ केस मानकर जांच कर रही है और खोज अभियान का दायरा शहर से बाहर पड़ोसी जिलों तक बढ़ा दिया है। 61 वर्षीय राजेंद्र कुमार शर्मा, जो महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वित्तीय अधिकारी रह चुके हैं, 12 फरवरी की शाम प्रेमनगर स्थित अपने घर से टहलने निकले थे। परिजनों के अनुसार, उस समय उन्होंने नीली जीन्स और मेहरून स्वेटर पहना था, तथा उनके हाथ में एक सफेद थैला था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला है। परिवार ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जांच के तहत, पुलिस अब उनकी ‘लास्ट मूवमेंट मैपिंग’ तैयार कर रही है। घर से निकलने के बाद उनके संभावित पैदल मार्ग, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों के सीसीटीवी फुटेज को समय-सीमा के आधार पर खंगाला जा रहा है। पुलिस मोबाइल लोकेशन, बैंक लेनदेन और सार्वजनिक कैमरों की मदद से डिजिटल ट्रेल भी तलाश रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शर्मा धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे, जिसके आधार पर मंदिरों, आश्रमों और गंगा स्नान घाटों पर भी उनकी तलाश की जा रही है। आसपास के जिलों के अस्पतालों, धर्मशालाओं और होटलों में भी उनकी तस्वीर के साथ पूछताछ की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य के निर्देश पर थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर खोज अभियान चलाया जा रहा है।


