BCB Sexual Harassment Allegation: महिला क्रिकेट से जुड़ा एक बड़ा विवाद फिर सुर्खियों में है। बांग्लादेश क्रिकेट में तूफान तब मच गया था, जब साल 2022 में टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम ने चयनकर्ता मंजरुल इस्लाम पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। लंबी जांच-पड़ताल के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने इस मामले में कड़ा कदम उठाते हुए मंजरुल को हर तरह की क्रिकेट गतिविधियों से बैन कर दिया है।
बोर्ड ने पाया दोषी
बोर्ड के अनुसार, जहानारा ने जो 4 आरोप लगाए थे उनकी जांच की गई, जिसमें से अपर्याप्त साक्ष्यों के कारण दो दावों की पुष्टि नहीं हो सकी। वहीं, समिति को शेष दो आरोपों में अनुचित आचरण के प्रमाण मिले हैं।

महिला टीम के चयनकर्ता और प्रबंधक के रूप में काम कर चुके मंजरुल का कार्यकाल पिछले साल जून में समाप्त हो गया था। जांच में कमिटी ने पाया है कि उनका बर्ताव पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं था और संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के तहत दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की परिभाषा के अंतर्गत आता है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आरोपों की पुष्टि करते हुए कहा, “बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच के लिए बीसीबी ने स्वतंत्र जांच समिति गठित की थी। समिति के निष्कर्षों के आधार पर बोर्ड ने पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेटर मंजरुल इस्लाम पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार या क्रिकेट से संबंधित गतिविधियों से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।”
चयन समिति के अध्यक्ष गाजी का कार्यकाल बढ़ा
इसेक आलावा बीसीबी ने फैसला किया है कि चयन समिति के अध्यक्ष गाजी अशरफ हुसैन का कार्यकाल एक महीने के लिए और बढ़ा दिया जाए।
बता दें उनका कार्यकाल 28 फरवरी को खत्म होना था, लेकिन अब वे एक महीने और इस पद पर बने रहेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने महिला बांग्लादेश प्रीमियर लीग के पहले सीजन को भी हरी झंडी दे दी है। टूर्नामेंट 4 अप्रैल से शुरू होगा और इसका फाइनल 14 अप्रैल को खेला जाएगा।


