डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप है। यह ताजा मामला डुमरियागंज में आयोजित राम राम कुश्ती दंगल से जुड़ा है, जहां मंच से दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना 18 जनवरी की बताई जा रही है। कुश्ती दंगल के दौरान दो पहलवानों के समूह के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी दौरान मंच से माइक संभाल रहे पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय को लेकर अभद्र टिप्पणी की। वायरल वीडियो में वह पहलवानों का “खतना चेक” करने जैसी आपत्तिजनक बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने माइक से थानाध्यक्ष डुमरियागंज को यह कहने की बात भी कही कि पहलवानों का खतना चेक कराया जाए। इस बयान से वहां मौजूद लोगों में असहजता और नाराजगी देखी गई। वीडियो सामने आने के बाद यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने इसे न केवल एक विशेष समुदाय का अपमान बताया है, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग इस बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं और पूर्व विधायक पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब राघवेंद्र प्रताप सिंह इस तरह के बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वह कई बार मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध दिए गए अपने बयानों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में उनकी छवि एक विवादित नेता के रूप में देखी जाती रही है, जिनके बयान अक्सर सुर्खियां बनते हैं। पूर्व में भी राघवेंद्र प्रताप सिंह डुमरियागंज क्षेत्र में मंच से दिए गए एक बयान को लेकर खासे विवाद में घिर गए थे। उस समय उन्होंने डुमरियागंज के धनखरपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि “10 मुस्लिम लड़की लो, नौकरी हम देंगे।” इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया था।


