जोधपुर में मारवाड़ GSTAT बार एसोसिएशन का गठन:21 जनवरी से शुरू हो सकता है GST ट्रिब्यूनल, 24 जिलों के मामलों की होगी सुनवाई

जोधपुर में मारवाड़ GSTAT बार एसोसिएशन का गठन:21 जनवरी से शुरू हो सकता है GST ट्रिब्यूनल, 24 जिलों के मामलों की होगी सुनवाई

जोधपुर में जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) की शुरुआत से ठीक पहले टैक्स प्रोफेशनल्स ने एक बड़ा मंच तैयार किया है। ट्रिब्यूनल के कामकाज और वकीलों-सीए के हितों को ध्यान में रखते हुए “मारवाड़ जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन” का गठन किया गया है। नई संस्था में सीए प्रदीप जैन को अध्यक्ष, सीए राकेश भंडारी को उपाध्यक्ष, एडवोकेट (सीए) डॉ. अर्पित हल्दीया को सचिव और सीए अंकित मालाणी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य ट्रिब्यूनल और प्रोफेशनल्स के बीच सेतु का काम करना है। नवगठित एसोसिएशन के प्रथम अध्यक्ष सीए प्रदीप जैन ने बताया कि सरकार ने जीएसटी ट्रिब्यूनल का गठन कर दिया है। जोधपुर बेंच के लिए मेंबर्स (न्यायिक और तकनीकी सदस्य) भी नियुक्त हो चुके हैं। 21 जनवरी से कामकाज शुरू होने की उम्मीद
सीए जैन ने बताया- जोधपुर ट्रिब्यूनल बेंच में मेंबर्स की नियुक्ति हो गई है और वे इसी महीने 21 जनवरी से जॉइन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए हमने ‘मारवाड़ जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन’ बनाई है। यह चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और एडवोकेट्स का प्रतिनिधित्व करेगी और विभाग के साथ कोऑर्डिनेट करेगी। अभी हमने करीब 30 सदस्यों के साथ शुरुआत की है और इसे बढ़ा रहे हैं। 24 जिलों का क्षेत्राधिकार, पूरे देश से जुड़ सकेंगे मेंबर्स
एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट (CA) डॉ. अर्पित हल्दीया ने ट्रिब्यूनल के क्षेत्राधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि राजस्थान में ट्रिब्यूनल की दो बेंच (जयपुर और जोधपुर) होंगी। इनमें “जोधपुर बेंच के क्षेत्राधिकार में राजस्थान के करीब 24 जिले आएंगे। इसमें प्रमुख रूप से बीकानेर, उदयपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली और बालोतरा शामिल हैं। एसोसिएशन की मेंबरशिप न सिर्फ इस एरिया के लिए, बल्कि पूरे भारत के प्रोफेशनल्स के लिए खुली है। मारवाड़ का केंद्र है जोधपुर
कोषाध्यक्ष सीए अंकित मालाणी ने संस्था के नामकरण को लेकर तर्क दिया कि यह केवल एक शहर की संस्था नहीं है। “हमारे ट्रिब्यूनल के क्षेत्राधिकार में राजस्थान के 24 जिले कवर हो रहे हैं। यह क्षेत्र सीमित नहीं है। राजस्थान और पूरे देश में इस पश्चिमी हिस्से को ‘मारवाड़’ नाम से पहचाना जाता है। इसलिए हमने इसे ‘मारवाड़’ नाम दिया है, ताकि हम अपनी रिप्रजेंटेंशन को मजबूती से और एक बड़े दायरे के साथ डिपार्टमेंट और ट्रिब्यूनल के सामने रख सकें”। इन 24 जिलों के मामले सुनेगी जोधपुर बेंच
उपाध्यक्ष सीए राकेश भंडारी ने बताया कि ट्रिब्यूनल की जोधपुर बेंच के पास आधे राजस्थान का जिम्मा होगा। इसमें जोधपुर, पाली, बीकानेर, उदयपुर और बांसवाड़ा संभाग के जिले शामिल हैं:

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *