नर्मदापुरम में वनरक्षक की हार्ट अटैक से मौत:पिता की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति; विवाद के बाद चल रही थी जांच

नर्मदापुरम में वनरक्षक की हार्ट अटैक से मौत:पिता की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति; विवाद के बाद चल रही थी जांच

नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के देनवा बफर रेंज में पदस्थ 28 वर्षीय वनरक्षक अर्जुन सिंह रायपुरिया की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर भिंड रवाना हो गए। युवा वनरक्षक की अचानक मौत से विभाग में शोक है। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने इसे दुखद बताया है। घटना मंगलवार दोपहर 3 बजे की है। वनरक्षक अर्जुन अपनी बीट (छातीआम) से भौंरा आए हुए थे। तभी उनके सीने में तेज दर्द उठा। साथी बीट गार्ड राजकुमार कौरव और ऑपरेटर निशांत सिंह उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल ले गए। हालत नाजुक होने पर उन्हें शाहपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पिता की भी हार्ट अटैक से गई थी जान, 2019 में मिली थी नौकरी अर्जुन को यह नौकरी अपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा आधार पर मिली थी। उनके पिता केदार सिंह रायपुरिया भी एसटीआर के चूरना में डिप्टी रेंजर थे और उनकी मौत भी हार्ट अटैक से हुई थी। पिता के निधन के बाद जनवरी 2019 में अर्जुन वन विभाग में भर्ती हुए थे। वह मूल रूप से भिंड के रहने वाले थे। विवाद और जांच का तनाव: मजदूर से मारपीट के बाद हुआ था ट्रांसफर अर्जुन सिंह पिछले कुछ समय से विवादों में थे। 31 अक्टूबर को सीता डोंगरी बीट में पार्टी के दौरान एक मजदूर प्रकाश यादव से मोबाइल को लेकर उनका विवाद और मारपीट हुई थी। मजदूर ने पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद अर्जुन को वहां से हटाकर छातीआम बीट भेजा गया था। मामले में उन्हें और दो अन्य कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किए गए थे और विभागीय जांच प्रस्तावित थी।

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