मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में एक बार फिर चूक सामने आई है। सीएम भजनलाल शर्मा सोमवार दोपहर एबीवीपी के कार्यक्रम में शामिल होने सीतापुरा जा रहे थे। इसी दौरान जब सीएम का काफिला जगतपुरा में 7 नंबर बस स्टैंड के पास से गुजर रहा था, उसी समय एक युवक उनके काफिले में घुस गया। काफिले में सबसे आगे चल रही एस्कॉर्ट टीम ने युवक को रुकने का इशारा भी किया, लेकिन वह नहीं रुका और सड़क पार करके निकल गया। इसके बाद काफिले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने युवक को रोका। हालांकि, इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर पुलिस कुछ भी नहीं बता रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, युवक मंदबुद्धि बताया जा रहा है, जिसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। 2 दिन पहले भरतपुर में हुई थी चूक
इससे पहले शनिवार को भी सीएम भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली थी। भरतपुर के लुधवाई, सेवर में CM अपने गुरु संतरामदास महाराज की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित करके निकल रहे थे। उसी समय मंदिर के बाहर एक युवक उनका सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके करीब आ पहुंचा था, लेकिन समय रहते सीएम सिक्योरिटी ने युवक को पकड़ लिया। वहीं, आज दो दिन बाद एक बार फिर सीएम की सुरक्षा में चूक देखने को मिली है। सीएम का विमान गलत जगह उतार दिया था
इसी साल 31 जुलाई को भी सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई थी। सीएम जयपुर से फलोदी के लिए फाल्कन-2000 चार्टर विमान से रवाना हुए थे। उस समय विमान को फलोदी एयरफोर्स स्टेशन पर उतरना था। लेकिन पायलटों ने विमान गलती से शहर की सिविल एयरस्ट्रिप पर उतरा दिया। पायलटों को चूक का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत विमान को फिर से उड़ाया और करीब 5 किमी दूर स्थित फलोदी वायुसेना स्टेशन पर उतारा। यहां से सीएम हेलिकॉप्टर से रामदेवरा पहुंचे थे। फिर इसी विमान से जयपुर लौटे थे। कंपनी की रिपोर्ट में चूक सामने आने के बाद DGCA ने दोनों पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया था। चार्टर प्लेन संचालन कंपनी ने रिपोर्ट में बताया था कि दोनों एयरस्ट्रिप की स्थिति एक जैसी है, इसलिए भ्रम हुआ था। सालभर पहले भी जगतपुरा में हुई थी बड़ी चूक
करीब सालभर पहले 11 दिसम्बर 2024 को जगतपुरा रोड पर ही सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली थी। दोपहर 3 बजे अक्षयपात्र चौराहे पर ट्रैफिक रोका गया था। रॉन्ग साइड से एक टैक्सी नंबर की कार आई, उसी समय वहां से सीएम का काफिला निकल रहा था। वहां तैनात ASI सुरेंद्र सिंह ने टैक्सी को रोकने की कोशिश की तो ड्राइवर ने उन्हें टक्कर मार दी। इसके बाद टैक्सी सीएम के काफिले की 2 और गाड़ियों से टकरा गई। घायलों में एसीपी अमीर हसन के साथ पुलिसकर्मी बलवान सिंह, देवेंद्र सिंह भी घायल हुए थे। टक्कर मारने वाली गाड़ी का ड्राइवर पवन और उसका साथी भी घायल हो गया था। उसी दिन एएसआई सुरेन्द्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं टैक्सी चालक पवन ने करीब 20 दिन बाद दम तोड़ दिया था।


