खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित अगुवानी गंगा घाट पर इस वर्ष माघी पूर्णिमा के अवसर पर पहली बार 10 दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 26 जनवरी से 4 फरवरी तक चलेगा, जिसमें आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रम शामिल होंगे। नवनिर्वाचित विधायक बाबू लाल शौर्य ने पिछले माह घोषणा की थी कि अगुवानी गंगा घाट पर हर साल माघी पूर्णिमा पर मेला, आध्यात्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस घोषणा को साकार करने के लिए स्थानीय ग्रामीण और युवा सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। प्रतिदिन दोपहर में होगा कथा वाचन मेला कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा वाचन होगा। शाम 5:30 बजे से 6:30 बजे तक गंगा महाआरती और रात 7 बजे से 11 बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भव्य गंगा महाआरती के लिए दूर-दराज से विद्वान पंडितों के आने की सूचना है। माघी पूर्णिमा के दिन अगुवानी गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने की उम्मीद है। खगड़िया सहित बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। मेले के दौरान मनोरंजन और खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इनमें कुश्ती, वॉलीबॉल, रग्बी और घुड़दौड़ प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मेले में लोजपा के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार और खगड़िया लोकसभा के सांसद राजेश वर्मा की उपस्थिति की भी संभावना है। आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार स्थानीय युवा लगातार अगुवानी गंगा घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इस बीच, गंगा की उपधारा पर बने लोहे के पुल की मरम्मत एसपी सिंगा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराई जा रही है और आवागमन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी मेले के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। परबत्ता के अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि मेला अवधि के दौरान बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, चिकित्सा सुविधा, एसडीआरएफ टीम, सूचना केंद्र सहित सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। माघी पूर्णिमा के अवसर पर होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास को भी नई पहचान दिलाएगा। खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित अगुवानी गंगा घाट पर इस वर्ष माघी पूर्णिमा के अवसर पर पहली बार 10 दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 26 जनवरी से 4 फरवरी तक चलेगा, जिसमें आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रम शामिल होंगे। नवनिर्वाचित विधायक बाबू लाल शौर्य ने पिछले माह घोषणा की थी कि अगुवानी गंगा घाट पर हर साल माघी पूर्णिमा पर मेला, आध्यात्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस घोषणा को साकार करने के लिए स्थानीय ग्रामीण और युवा सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। प्रतिदिन दोपहर में होगा कथा वाचन मेला कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा वाचन होगा। शाम 5:30 बजे से 6:30 बजे तक गंगा महाआरती और रात 7 बजे से 11 बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भव्य गंगा महाआरती के लिए दूर-दराज से विद्वान पंडितों के आने की सूचना है। माघी पूर्णिमा के दिन अगुवानी गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने की उम्मीद है। खगड़िया सहित बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। मेले के दौरान मनोरंजन और खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। इनमें कुश्ती, वॉलीबॉल, रग्बी और घुड़दौड़ प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मेले में लोजपा के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार और खगड़िया लोकसभा के सांसद राजेश वर्मा की उपस्थिति की भी संभावना है। आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार स्थानीय युवा लगातार अगुवानी गंगा घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इस बीच, गंगा की उपधारा पर बने लोहे के पुल की मरम्मत एसपी सिंगा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराई जा रही है और आवागमन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी मेले के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। परबत्ता के अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि मेला अवधि के दौरान बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, चिकित्सा सुविधा, एसडीआरएफ टीम, सूचना केंद्र सहित सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। माघी पूर्णिमा के अवसर पर होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास को भी नई पहचान दिलाएगा।


