नवरात्रि को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से व्रत में उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। जिले में विभिन्न स्थानों से 5 नमूने लिए गए। इनमें खोया बर्फी, फाफड़ का आटा आदि शामिल है। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि कौड़ीराम क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने गुप्ता स्वीट्स से खोया बर्फी का एक नमूना लिया। इसी तरह नागेंद्र चौधरी ने कौड़ीराम स्थित सूरज किराना स्टोर से फाफड़ आटा का नमूना संग्रहित किया। मेडिकल रोड एवं सिविल लाइंस क्षेत्र में उमाशंकर सिंह ने झुंगिया बाजार स्थित चौरसिया स्टोर से तिन्नी चावल का नमूना लिया। कमल नारायण सिंह ने प्रोविजन स्टोर से कुट्टू का आटा तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्वामीनाथ ने यहीं से मूंगफली के नमूने लिए। व्रत सामग्री के उपयोग से पहले रखें ये सावधानी
सहायक आयुक्त खाद्य डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के समय व्रत में कोई भी चीज खाने से पहले सावधानी बरतें। कुट्टू, सिंघाड़ा, फाफड़ के आटे आदि को खरीदते समय सावधानी नहीं बरती गई तो फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। इसलिए हमेशा इस तरह की सामग्री विश्वसनीय और FSSAI लाइसेंस धारक दुकानों से ही खरीदना चाहिए। खुले आटे की जगह पैकेट बंद आटे को प्राथमिकता देनी चाहिए। खरीदते समय पैकेट पर निर्माण तिथि एवं उपयोग की अंतिम तिथि यानी एक्सपायरी तिथि जरूर जांच लें। कुट्टू, फाफड़ या सिंघाड़े के आटे में नमी, जाले, फफूंद या किसी भी प्रकार की कड़वाहट होने पर उसका उपयोग कभी भी न करें। उन्होंने बताया कि व्रत के दौरान उपयोग होने वाले मेवे, मूंगफली और साबूदाना आदि को घर में साफ, सूखे और हवादार एयरटाइट डिब्बों में ही स्टोर करें।


