आंगनबाड़ी केंद्र-स्कूल में बन रहा लकड़ी पर खाना:समस्तीपुर के मिडिल स्कूल में LPG खत्म, हेडमास्टर ने कहा- नहीं मिला गैस सिलेंडर

आंगनबाड़ी केंद्र-स्कूल में बन रहा लकड़ी पर खाना:समस्तीपुर के मिडिल स्कूल में LPG खत्म, हेडमास्टर ने कहा- नहीं मिला गैस सिलेंडर

समस्तीपुर में ईरान-इजराईल युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। जिसका असर घर से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र, मिडिल स्कूल के किचनों तक पड़ा है। दिक्कतों का जायजा लेने के लिए दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। प्रखंड के वार्ड-19 स्थिति आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 156 के पास गैस सिलेंडर का कनेक्शन है। सिलेंडर दस दिनों से खत्म है। नंबर लगाया गया है, लेकिन सिलेंडर की आपूर्ति नहीं मिली। केंद्र की रसोईया मंजू देवी मिट्‌टी के चूल्ला पर एमडीएम बना रही थी। मंजू ने बताया कि केंद्र पर 40 बच्चे हैं। सिलेंडर के अभाव में जलावन पर खाना बनाया जा रहा है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। 15 दिन पहले ही ऑनलाइन नंबर लगाया था। लेकिन अबतक आपूर्ति नहीं दी गई। एजेंसी वाले फोन भी नहीं उठा रहे हैं। बच्चों को भूखे लौटाना नहीं है, इसलिए चूल्हा पर खाना बना रहे हैं। आने वाले दिनों में होगी परेशानी केंद्र संख्या 157 की सेविका राधा देवी ने बताया कि अभी आंगनबाड़ी केंद्र के पास सिलेंडर उपलब्ध है। 40 बच्चों के लिए भोजना बनाया गया है। लेकिन अब सिलेंडर के लिए नंबर नहीं लग रहा है। जिससे आने वाले दिनों में परेशानी होगी। अभी किसी तरह काम चल रहा है। टीम जितवारपुर चौथ केंद्र संख्या 58 पर पहुंची। जहां मेरी मुलाकात सहायिका देववती देवी से हुई। सहायिका ने बताया कि केंद्र का सिलेंडर खत्म हो गया है। नया नंबर भी नहीं लग रहा है। वह अपने घर के चूल्हें का सिलेंडर खोल कर केंद्र का खाना बनाने के लिए लायी है। लेकिन यह सिलेंडर भी खत्म हो जाएगा तो पता नहीं कैसे भोजन बना पाएगी। विभाग को इस पर दिशा निर्देश देना चाहिए। जरूरत हुई तो जलावन पर भी भोजन बनेगा भास्कर रिपोर्टर केंद्र संख्या 55 पर पहुंचे। जहां 17 बच्चे भोजन खा रहे थे। केंद्र की सहायिका पूनम देवी ने बताया कि अभी केंद्र के पास करीब एक सप्ताह का सिलेंडर उपलब्ध है। जिससे बच्चों को एमडीएम दिया जा रहा है। गैस खत्म होने के बाद विभागीय आदेशानुसार काम किया जाएगा। जरूरत हुई तो जलावन पर भी भोजन बनाया जाएगा। जितवारपुर मिडिल स्कूल का खत्म हो गया सिलेंडर जितवारपुर मिडिल स्कूल परिसर में जलावन वाले चूल्हा का निर्माण चल रहा था। ईट पर मिट्‌टी का लेप लगाकर चूल्हा बनाया जा रहा था। स्कूल के हेडमास्टर कौशल कुमार ने बताया कि स्कूल के पास कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का कनेक्शन है। गैस आज तक ही उपलब्ध था। बार-बार गैस एजेंसी पर चक्कर लगाने के बाद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुआ। एजेंसी संचालक ने बताया कि 15 दिनों से कॉमार्शियल गैस सिलेंडर नहीं आ रहा है। अभी बच्चों की परीक्षा चल रही है। जिस कारण उपस्थिति अच्छी हो रही है। यहां नामांकित बच्चों की संख्या 660 है। रोज 500 से अधिक बच्चों का भोजन बनता है। गैस की किल्लत को देखते हुए जलावन वाले चूल्हे का निर्माण कराया गया है। कल से इसी पर भोजन बनाया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर गुप्ता ने कहा कि गैसे सिलेंडर की किल्लत के कारण कई स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में परेशानी हो रही है। बच्चों का भोजन बंद नहीं हो इसके लिए व्यकल्पिक व्यवस्था का निर्देश दिया गया है। समस्तीपुर में ईरान-इजराईल युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। जिसका असर घर से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र, मिडिल स्कूल के किचनों तक पड़ा है। दिक्कतों का जायजा लेने के लिए दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। प्रखंड के वार्ड-19 स्थिति आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 156 के पास गैस सिलेंडर का कनेक्शन है। सिलेंडर दस दिनों से खत्म है। नंबर लगाया गया है, लेकिन सिलेंडर की आपूर्ति नहीं मिली। केंद्र की रसोईया मंजू देवी मिट्‌टी के चूल्ला पर एमडीएम बना रही थी। मंजू ने बताया कि केंद्र पर 40 बच्चे हैं। सिलेंडर के अभाव में जलावन पर खाना बनाया जा रहा है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। 15 दिन पहले ही ऑनलाइन नंबर लगाया था। लेकिन अबतक आपूर्ति नहीं दी गई। एजेंसी वाले फोन भी नहीं उठा रहे हैं। बच्चों को भूखे लौटाना नहीं है, इसलिए चूल्हा पर खाना बना रहे हैं। आने वाले दिनों में होगी परेशानी केंद्र संख्या 157 की सेविका राधा देवी ने बताया कि अभी आंगनबाड़ी केंद्र के पास सिलेंडर उपलब्ध है। 40 बच्चों के लिए भोजना बनाया गया है। लेकिन अब सिलेंडर के लिए नंबर नहीं लग रहा है। जिससे आने वाले दिनों में परेशानी होगी। अभी किसी तरह काम चल रहा है। टीम जितवारपुर चौथ केंद्र संख्या 58 पर पहुंची। जहां मेरी मुलाकात सहायिका देववती देवी से हुई। सहायिका ने बताया कि केंद्र का सिलेंडर खत्म हो गया है। नया नंबर भी नहीं लग रहा है। वह अपने घर के चूल्हें का सिलेंडर खोल कर केंद्र का खाना बनाने के लिए लायी है। लेकिन यह सिलेंडर भी खत्म हो जाएगा तो पता नहीं कैसे भोजन बना पाएगी। विभाग को इस पर दिशा निर्देश देना चाहिए। जरूरत हुई तो जलावन पर भी भोजन बनेगा भास्कर रिपोर्टर केंद्र संख्या 55 पर पहुंचे। जहां 17 बच्चे भोजन खा रहे थे। केंद्र की सहायिका पूनम देवी ने बताया कि अभी केंद्र के पास करीब एक सप्ताह का सिलेंडर उपलब्ध है। जिससे बच्चों को एमडीएम दिया जा रहा है। गैस खत्म होने के बाद विभागीय आदेशानुसार काम किया जाएगा। जरूरत हुई तो जलावन पर भी भोजन बनाया जाएगा। जितवारपुर मिडिल स्कूल का खत्म हो गया सिलेंडर जितवारपुर मिडिल स्कूल परिसर में जलावन वाले चूल्हा का निर्माण चल रहा था। ईट पर मिट्‌टी का लेप लगाकर चूल्हा बनाया जा रहा था। स्कूल के हेडमास्टर कौशल कुमार ने बताया कि स्कूल के पास कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का कनेक्शन है। गैस आज तक ही उपलब्ध था। बार-बार गैस एजेंसी पर चक्कर लगाने के बाद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुआ। एजेंसी संचालक ने बताया कि 15 दिनों से कॉमार्शियल गैस सिलेंडर नहीं आ रहा है। अभी बच्चों की परीक्षा चल रही है। जिस कारण उपस्थिति अच्छी हो रही है। यहां नामांकित बच्चों की संख्या 660 है। रोज 500 से अधिक बच्चों का भोजन बनता है। गैस की किल्लत को देखते हुए जलावन वाले चूल्हे का निर्माण कराया गया है। कल से इसी पर भोजन बनाया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर गुप्ता ने कहा कि गैसे सिलेंडर की किल्लत के कारण कई स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में परेशानी हो रही है। बच्चों का भोजन बंद नहीं हो इसके लिए व्यकल्पिक व्यवस्था का निर्देश दिया गया है।  

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