झांसी में एक बार फिर सर्दी और घने कोहरे ने जोरदार दस्तक दे दी है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आधी रात के बाद हालात इतने खराब हो गए कि शहर के कई इलाकों में 10 मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं दे रहा था। घने कोहरे के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे और कम विजिबिलिटी का सबसे ज्यादा असर रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के आसपास देखने को मिला। विजिबिलिटी लगभग शून्य होने के चलते रेलवे स्टेशन से चलने वाले ऑटो चालकों ने सुरक्षा कारणों से बुकिंग बंद कर दी। इससे देर रात और तड़के पहुंचने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर कोहरे के बीच पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। बीते करीब 15 दिनों से झांसी में मौसम लगातार साफ था और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही थी। लोगों को उम्मीद थी कि अब सर्दी विदा लेने वाली है और फरवरी में मौसम सुहावना हो जाएगा। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट ले ली और सर्दी ने दोबारा अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। उत्तर भारत से लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही सर्द हवाओं के साथ मंगलवार दोपहर झांसी में बारिश शुरू हुई। बारिश के साथ ही तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर बुधवार सुबह तक बना रहा। न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान भी 5.8 डिग्री घटकर 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सर्द हवाओं और बढ़ी ठंड के कारण सुबह लोग अलाव के आसपास जमा होकर ठंड से बचते नजर आए। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह की सैर और मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। मौसम के बदले मिजाज का असर आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात पर भी पड़ा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कोहरे के चलते वाहन चालकों को फॉग लाइट और धीमी रफ्तार का सहारा लेना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक ठंडी हवाओं और कोहरे का असर बने रहने की संभावना है।


