मार्च महीने में कोहरे और धुंध: लगातार दूसरे दिन दिखा असर, सड़कें हुईं गीली, क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

मार्च महीने में कोहरे और धुंध: लगातार दूसरे दिन दिखा असर, सड़कें हुईं गीली, क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

Fog effect in March: मौसम में जबरदस्त परिवर्तन आ रहा है। मार्च महीने में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इस बीच एक बड़ा उलटफेर सामने आया है जब लगातार दूसरे दिन घने कोहरे और धुंध का असर दिखाई पड़ा। इसका सबसे ज्यादा असर यातायात पर पड़ा। कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर रेंगते हुए वहां दिखाई पड़े। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में काफी अंतर है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन में तेज धूप और रात में हवा की नमी के कारण पानी की छोटी-छोटी बूंदें कोहरे में बदल जाती हैं। तापमान में भारी अंतर के कारण कोहरा बन रहा है।

और भी घना कोहरा छायेगा

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार दिन का तापमान 35 डिग्री और रात का तापमान 15 से 18 डिग्री के बीच है। जिससे अस्थिरता पैदा हो रही है। यही कारण है कि सुबह के समय घना कोहरा और धुंध छाया रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है, जो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नमी लेकर आएगा। यह नमी जब ठंडी हवाओं के संपर्क में आएगी तो फिर कोहरा और भी सघन हो जाएगा।

14 मार्च को नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिसका असर पहाड़ी क्षेत्रों के साथ मैदानी भागों पर भी दिखाई पड़ेगा।‌ पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में घना कोहरा दिखाई पड़ा

मौसम विभाग के अनुसार उन्नाव, बांदा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, उरई, जालौन, फतेहपुर, चित्रकूट, कानपुर देहात, कानपुर नगर आदि जिलों में बीते मंगलवार के साथ आज बुधवार को भी कोहरे का असर दिखाई पड़ा। इस दौरान तापमान में काफी अंतर दिखाई पड़ा। अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 20 के आसपास है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि मार्च महीने में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री अधिक है।

यातायात प्रभावित

कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर लगातार दूसरे दिन घने कोहरे का असर दिखाई पड़ा। सड़कें भी गीली हो गई थीं। कोहरे ने स्मॉग का रूप ले लिया, जिससे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हुई। जिसके कारण विजिबिलिटी में काफी कमी आई है, जो 20 से 30 मीटर के आसपास है। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलने की सलाह दी गई है।

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