मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत साल 2025 में हुई अतिवृष्टि, बाढ़ और ‘मोन्था’ तूफान से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री ने रिमोट बटन दबाकर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए 2 लाख 2 हजार किसानों के बैंक खातों में 113 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि भेजा है। राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार – नीतीश कुमार मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह राशि किसान आगामी फसलों की बुआई और कृषि कार्यों में उपयोग कर सकेंगे। राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार है। सरकार किसानों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी तरक्की के लिए निरंतर काम कर रही है। 13 जिलों के किसान हुए थे प्रभावित वर्ष 2025 में भारी वर्षा और मोन्था तूफान के कारण राज्य के 13 जिलों में व्यापक फसल क्षति हुई थी। इनमें बेगूसराय, भोजपुर, दरभंगा, गया, कैमूर, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल शामिल हैं। इन जिलों के 53 प्रखंडों और 493 पंचायतों के किसान प्रभावित हुए थे। कृषि विभाग द्वारा सभी प्रभावित किसानों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर उनका सत्यापन संबंधित जिलों द्वारा कराया गया, जिसके बाद पात्र किसानों को अनुदान राशि स्वीकृत की गई। डीबीटी से पारदर्शी भुगतान सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डीबीटी प्रणाली का उपयोग किया, जिससे अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंची। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हुआ। कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति की भरपाई कर किसानों को दोबारा खेती के लिए सक्षम बनाना है, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत साल 2025 में हुई अतिवृष्टि, बाढ़ और ‘मोन्था’ तूफान से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी। मुख्यमंत्री ने रिमोट बटन दबाकर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए 2 लाख 2 हजार किसानों के बैंक खातों में 113 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि भेजा है। राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार – नीतीश कुमार मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह राशि किसान आगामी फसलों की बुआई और कृषि कार्यों में उपयोग कर सकेंगे। राज्य के खजाने पर बाढ़ पीड़ितों का पहला अधिकार है। सरकार किसानों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी तरक्की के लिए निरंतर काम कर रही है। 13 जिलों के किसान हुए थे प्रभावित वर्ष 2025 में भारी वर्षा और मोन्था तूफान के कारण राज्य के 13 जिलों में व्यापक फसल क्षति हुई थी। इनमें बेगूसराय, भोजपुर, दरभंगा, गया, कैमूर, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल शामिल हैं। इन जिलों के 53 प्रखंडों और 493 पंचायतों के किसान प्रभावित हुए थे। कृषि विभाग द्वारा सभी प्रभावित किसानों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर उनका सत्यापन संबंधित जिलों द्वारा कराया गया, जिसके बाद पात्र किसानों को अनुदान राशि स्वीकृत की गई। डीबीटी से पारदर्शी भुगतान सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डीबीटी प्रणाली का उपयोग किया, जिससे अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंची। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हुआ। कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति की भरपाई कर किसानों को दोबारा खेती के लिए सक्षम बनाना है, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


