हरियाणा के रोहतक जिले में बाबा मस्तनाथ मठ में तीन दिवसीय वार्षिक मेले का आज दूसरा दिन है, जिसमें देशभर से हजारों साधु संत व श्रद्धालु शामिल हो रहे है। बाबा मस्तनाथ मठ में माथा टेकने के लिए चंडीगढ़ के डीजीपी आ चुके हैं और हरियाणा के कई नेता भी शामिल होंगे। बाबा मस्तनाथ मठ आस्था व श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यहां गुरु गोरखनाथ के शिष्य बाबा मस्तनाथ का समाधि स्थल है, जिसके दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। वैसे तो मठ में आसपास के कई गांवों की मानता है, लेकिन वार्षिक मेले के दिन देशभर से साधु संत व श्रद्धालु पहुंचते हैं। नागा साधुओं की निकलेगी ध्वज यात्रा
बाबा मस्तनाथ मठ में नागा साधु भी पहुंचे हुए है, जिनकी ध्वज यात्रा समाधि स्थल तक जाएगी। नागा साधुओं की ध्वज यात्रा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलेगी। हालांकि नागा साधुओं की ध्वज यात्रा के रास्ते में कोई नहीं आता, लेकिन एक तरफ खड़े होकर श्रद्धालु ध्वज यात्रा के दर्शन करते है। मिनी अक्षरधाम की तर्ज पर बन रहा समाधि स्थल
बाबा मस्तनाथ मठ में समाधि स्थल को मिनी अक्षरधाम की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। अभी तक समाधि स्थल का कार्य पूरा हुआ है, जबकि उसके आसपास कॉरिडोर का काम चल रहा है। पूरा परिसर मार्बल से तैयार किया गया है, जिसे बनाने में दर्जनों कारीगर लगे हुए है। पहली बार मेले में हो रही सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता
बाबा मस्तनाथ मठ के वार्षिक मेले में पहली बार सर्कल कबड्डी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 8 टीमें भाग ले रही है। प्रतियोगिता में प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, द्वितीय विजेता को 71 हजार रुपए दिए जाएंगे। सभी प्रतिभागी टीमों को भी सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ रेडर और सर्वश्रेष्ठ कैचर को 31 हजार रुपए का विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। विदेशों से भी मठ में पहुंच रहे श्रद्धालु
बाबा मस्तनाथ मठ में आस्था रखने वाले श्रद्धालु न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी रहते हैं। वार्षिक मेले में बाबा मस्तनाथ मठ से दीक्षा लेकर निकले संत रूस, फ्रांस, पेरिस में भी है, जो वहां डेरा बनाकर लोगों को अध्यात्म की तरफ लेकर जा रहे हैं।


