हाईटेक एटीएस से बदलेगी फिटनेस जांच व्यवस्था:भोजपुर में ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन से गाड़ी की फिटनेस जांच कंप्यूटराइज्ड होगी, हादसों में कमी की उम्मीद

हाईटेक एटीएस से बदलेगी फिटनेस जांच व्यवस्था:भोजपुर में ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन से गाड़ी की फिटनेस जांच कंप्यूटराइज्ड होगी, हादसों में कमी की उम्मीद

भोजपुर के कोईलवर में लंबे समय से प्रतीक्षित ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का निर्माण काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस मॉर्डन अत्याधुनिक केंद्र के चालू होते ही जिले में गाड़ी की फिटनेस जांच पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड, वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इससे सालों से चल रहे फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट के खेल पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है। महत्वाकांक्षी परियोजना का जिम्मा m/s सोनमती टेस्टिंग सेंटर को सौंपा गया है, जिसे बिहार परिवहन विभाग की स्वीकृति हासिल है। एजेंसी के प्रबंध तंत्र प्रमुख अभय तिवारी ने विधिवत शिलान्यास कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह स्टेशन जिले के परिवहन सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। मानवीय गलती या गड़बड़ी की संभावना खत्म होगी इस केंद्र में हल्के और भारी दोनों प्रकार के गाड़ी की जांच अत्याधुनिक मशीनों और सेंसर तकनीक से की जाएगी। ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, हेडलाइट, इंडिकेटर, हॉर्न, टायर, चेसिस, इंजन की स्थिति और प्रदूषण स्तर जैसे सभी महत्वपूर्ण मानकों की जांच पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम से होगी। जांच के दौरान कैमरे और सॉफ्टवेयर तुरंत तकनीकी खामियों की पहचान करेंगे, जिससे किसी भी तरह की मानवीय गलती या गड़बड़ी की संभावना खत्म हो जाएगी। यदि कोई गाड़ी निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसे फिटनेस प्रमाण लेटर जारी नहीं किया जाएगा। गाड़ी मालिक को तय समय के भीतर कमियों को दूर कर दोबारा जांच करानी होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी, जिससे जांच रिपोर्ट तत्काल गाड़ी स्वामी को उपलब्ध हो जाएगी। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश, दबाव या अतिरिक्त भुगतान की गुंजाइश नहीं रहेगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। स्टेशन के शुरू होने के बाद केवल प्रमाणित फिटनेस वाले गाड़ी ही सड़कों पर चल सकेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और आम लोगों की सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है। भोजपुर जिले में बन रहा यह हाईटेक एटीएस आधुनिक और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। भोजपुर के कोईलवर में लंबे समय से प्रतीक्षित ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का निर्माण काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस मॉर्डन अत्याधुनिक केंद्र के चालू होते ही जिले में गाड़ी की फिटनेस जांच पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड, वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इससे सालों से चल रहे फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट के खेल पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है। महत्वाकांक्षी परियोजना का जिम्मा m/s सोनमती टेस्टिंग सेंटर को सौंपा गया है, जिसे बिहार परिवहन विभाग की स्वीकृति हासिल है। एजेंसी के प्रबंध तंत्र प्रमुख अभय तिवारी ने विधिवत शिलान्यास कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह स्टेशन जिले के परिवहन सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। मानवीय गलती या गड़बड़ी की संभावना खत्म होगी इस केंद्र में हल्के और भारी दोनों प्रकार के गाड़ी की जांच अत्याधुनिक मशीनों और सेंसर तकनीक से की जाएगी। ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, हेडलाइट, इंडिकेटर, हॉर्न, टायर, चेसिस, इंजन की स्थिति और प्रदूषण स्तर जैसे सभी महत्वपूर्ण मानकों की जांच पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम से होगी। जांच के दौरान कैमरे और सॉफ्टवेयर तुरंत तकनीकी खामियों की पहचान करेंगे, जिससे किसी भी तरह की मानवीय गलती या गड़बड़ी की संभावना खत्म हो जाएगी। यदि कोई गाड़ी निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसे फिटनेस प्रमाण लेटर जारी नहीं किया जाएगा। गाड़ी मालिक को तय समय के भीतर कमियों को दूर कर दोबारा जांच करानी होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी, जिससे जांच रिपोर्ट तत्काल गाड़ी स्वामी को उपलब्ध हो जाएगी। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश, दबाव या अतिरिक्त भुगतान की गुंजाइश नहीं रहेगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। स्टेशन के शुरू होने के बाद केवल प्रमाणित फिटनेस वाले गाड़ी ही सड़कों पर चल सकेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और आम लोगों की सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है। भोजपुर जिले में बन रहा यह हाईटेक एटीएस आधुनिक और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।  

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